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आज के छात्र कल के महान कलाकार होंगे
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर के ललित कला संस्थान के सभागार में अमृता शेरगिल की जयंती पर तीन दिवसीय समारोह के समापन पर मुख्य विकास अधिकारी शैलेश कुमार ने कहा कि यदि लगन, मेहनत और निष्ठा से कार्य करते रहें तो आज के विद्यार्थी कल के महान कलाकार होंगे। हो सकता है वर्तमान छात्र-छात्राओं में से ही कोई अमृता शेरगिल या किसी अन्य कलाकार की ऊंचाइयों तक छू जाए।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति या हर छात्र का एक सपना होता है और वह उस सपने को पूरा करने के लिए अपने कॅरियर का चयन करता है। वर्तमान भौतिकतावादी युग में अधिकतर छात्र अपने माता-पिता की इच्छा के अनुसार इंजीनियरिंग या चिकित्सा व्यवसाय में कॅरियर का चयन कर रहे हैं, लेकिन आप सभी छात्र-छात्राएं विशिष्ट श्रेणी में आते हैं। डॉ. मुन्ना तिवारी ने कहा कि एक कलाकार सदैव यथार्थ का जीवन जीता है। हम अपने जीवन में प्रत्येक दिन विभिन्न कार्यों के द्वारा अपना अभिनय करते हैं, जो कि वास्तविक में यथार्थ होता है। पत्रकारिता विभाग के डॉ. सीपी पैन्यूली ने कहा कि किसी चित्रकार अथवा महापुरुष की जयंती मनाने का अर्थ उसके आदर्शों को समझना तथा उनका अनुसरण करना होता है।
ललित कला संस्थान की डॉ. श्वेता पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. उमेश कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, सुमित झा, मनीषा राव, बृजेश पाल, अंकिता, अंजलि, रौनक, समीर, प्रकृति मौजूद रहीं।
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उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति या हर छात्र का एक सपना होता है और वह उस सपने को पूरा करने के लिए अपने कॅरियर का चयन करता है। वर्तमान भौतिकतावादी युग में अधिकतर छात्र अपने माता-पिता की इच्छा के अनुसार इंजीनियरिंग या चिकित्सा व्यवसाय में कॅरियर का चयन कर रहे हैं, लेकिन आप सभी छात्र-छात्राएं विशिष्ट श्रेणी में आते हैं। डॉ. मुन्ना तिवारी ने कहा कि एक कलाकार सदैव यथार्थ का जीवन जीता है। हम अपने जीवन में प्रत्येक दिन विभिन्न कार्यों के द्वारा अपना अभिनय करते हैं, जो कि वास्तविक में यथार्थ होता है। पत्रकारिता विभाग के डॉ. सीपी पैन्यूली ने कहा कि किसी चित्रकार अथवा महापुरुष की जयंती मनाने का अर्थ उसके आदर्शों को समझना तथा उनका अनुसरण करना होता है।
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ललित कला संस्थान की डॉ. श्वेता पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. उमेश कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, सुमित झा, मनीषा राव, बृजेश पाल, अंकिता, अंजलि, रौनक, समीर, प्रकृति मौजूद रहीं।
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