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आज गड़ेगा होली का डांढ़ा, विवाह के लिए भी अबूझ मुहूर्त
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झांसी। माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी शनिवार को आज वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। आज होली का डांढ़ा भी गाड़ा जाएगा। विवाह के लिए भी आज अबूझ मुहूर्त है। इस पावन दिवस को मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था।
पर्व को लेकर कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठन मंदिरों व आश्रमों में कार्यक्रम आयोजित करेंगे। धर्माचार्या महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार मां सरस्वती की पूजा का विशेष शुभ मुहूर्त सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक है।
बुंदेलखंड में परंपरा है कि वसंत पंचमी के दिन होली का डांढ़ा गड़ाने के साथ ही होली के गीत व फाग भी शुरू हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी इस परंपरा का पालन होता है।
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वसंत पंचमी पर गायत्री शक्ति पीठ पर पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ व मां सरस्वती का पूजन होगा। मीडिया प्रभारी संजीव खरे के अनुसार यह अनुष्ठान 40 दिन चलेगा। बंगाली समाज मां सरस्वती की विशेष पूजा करेगा। बच्चों के वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताएं, बंगला कविता पाठ व शाम को रंगोली प्रतियोगिता होगी। बांधव समिति के सांस्कृतिक सचिव रवि शंकर चटर्जी के अनुसार स्थापित मूर्ति का कालीबाड़ी के कुंड में विसर्जन किया जाएगा।
श्री कुंज बिहारी मंदिर में शाम पांच बजे से भव्य रासलीला होगी। बुंदेलखंड के संगीतज्ञ गायन करेंगे। इधर चिन्मय मिशन के आश्रम में शाम पांच बजे से वसंत पंचमी समारोह का आयोजन होगा।
उधर, विवाह व अन्य मांगलिक कार्य के लिए वसंत पंचमी की तिथि को अबूझ मुहूर्त तिथि माना जाता है। आचार्य शांतनु पांडेय के अनुसार आज विवाह के कई आयोजन है। जगह-जगह विवाह कार्यक्रम होंगे।
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पर्व को लेकर कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठन मंदिरों व आश्रमों में कार्यक्रम आयोजित करेंगे। धर्माचार्या महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार मां सरस्वती की पूजा का विशेष शुभ मुहूर्त सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक है।
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बुंदेलखंड में परंपरा है कि वसंत पंचमी के दिन होली का डांढ़ा गड़ाने के साथ ही होली के गीत व फाग भी शुरू हो जाती है। ग्रामीण इलाकों में आज भी इस परंपरा का पालन होता है।
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वसंत पंचमी पर गायत्री शक्ति पीठ पर पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ व मां सरस्वती का पूजन होगा। मीडिया प्रभारी संजीव खरे के अनुसार यह अनुष्ठान 40 दिन चलेगा। बंगाली समाज मां सरस्वती की विशेष पूजा करेगा। बच्चों के वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिताएं, बंगला कविता पाठ व शाम को रंगोली प्रतियोगिता होगी। बांधव समिति के सांस्कृतिक सचिव रवि शंकर चटर्जी के अनुसार स्थापित मूर्ति का कालीबाड़ी के कुंड में विसर्जन किया जाएगा।
श्री कुंज बिहारी मंदिर में शाम पांच बजे से भव्य रासलीला होगी। बुंदेलखंड के संगीतज्ञ गायन करेंगे। इधर चिन्मय मिशन के आश्रम में शाम पांच बजे से वसंत पंचमी समारोह का आयोजन होगा।
उधर, विवाह व अन्य मांगलिक कार्य के लिए वसंत पंचमी की तिथि को अबूझ मुहूर्त तिथि माना जाता है। आचार्य शांतनु पांडेय के अनुसार आज विवाह के कई आयोजन है। जगह-जगह विवाह कार्यक्रम होंगे।