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सूखे के खतरे से निपटने को अभी से कमर कसी
ब्यूरो
Updated Sun, 27 Dec 2015 01:41 AM IST
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झांसी। मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सूखे के खतरे से निपटने को शासन-प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम जुटाए जा रहे हैं। पेयजल व खाद्यान्न की किल्लत किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी। पशुओं के लिए भी चारे का पर्याप्त बंदोबस्त है। इसके अलावा मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मजदूरों को काम दिलाया जाएगा।
विकास भवन सभागार में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सीडीओ ने बताया कि ग्रामीणों का पलायन रोकने को शासन ने बुंदेलखंड में मनरेगा के तहत कार्य दिवसों की संख्या सौ से बढ़ाकर डेढ़ सौ दिन कर दी है। ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिल सके, इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो काम शुरू किए जाएंगे।
इनमें मशीनों का प्रयोग पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर होगी। जो काम करने की स्थिति में नहीं हैं, ऐसे असहायों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में पेयजल की किल्लत नहीं होेने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी।
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इसके अलावा गांव के तालाबों को नलकूपों से भरा जाएगा। इसमें प्राइवेट नलकूपों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। नलकूप मालिकों को भुगतान किया जाएगा। सीडीओ संजय कुमार ने बताया कि जिले में चारे की पर्याप्त उपलब्धता है। भरारी में 640 कुंतल भूसा रिजर्व में रखा गया है। इसके अलावा पांच-पांच किलोग्राम के 650 फॉडर ब्लॉक भी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि शासन की मंशानुसार बुंदेलखंड के गांवों में बीस घंटे विद्युतापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
मनरेगा मजदूरों के बदले जाएंगे जॉब कार्ड
झांसी। सीडीओ संजय कुमार ने बताया कि सभी मनरेगा मजूदरों के जॉब कार्ड बदले जाएंगे। इसके लिए गांव-गांव में कैंप लगाए जाएंगे। नये कार्ड दिए जाने के बाद पुराने कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। पात्रों के ही जॉब कार्ड बनें, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
नहरों में खत्म हुआ पानी
झांसी। जिले में खतरे की घंटी बजना शुरू हो गई है। सूखे के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। गांवों में जल का बड़ा स्त्रोत मानी जाने वाली नहरों में पानी खत्म हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिले की सभी नहरों में पानी की उपलब्धता नगण्य है।केवल गुरसरांय नहर में ही कुछ पानी शेष है।
अनाज न मिले तो करें फोन
झांसी। सीडीओ ने आपूर्ति विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज वितरण की व्यवस्था चुस्त रखने के निर्देष दिए। इस दौरान डीएसओ ने बताया कि विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 18001800150 जारी किया है। इसके अलावा कंट्रोल रूम (0510 2380493) भी स्थापित किया गया है। कंट्रोल से राशन न मिलने पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। तत्काल कार्यवाही होगी।
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विकास भवन सभागार में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सीडीओ ने बताया कि ग्रामीणों का पलायन रोकने को शासन ने बुंदेलखंड में मनरेगा के तहत कार्य दिवसों की संख्या सौ से बढ़ाकर डेढ़ सौ दिन कर दी है। ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम मिल सके, इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो काम शुरू किए जाएंगे।
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इनमें मशीनों का प्रयोग पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर होगी। जो काम करने की स्थिति में नहीं हैं, ऐसे असहायों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में पेयजल की किल्लत नहीं होेने दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी।
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इसके अलावा गांव के तालाबों को नलकूपों से भरा जाएगा। इसमें प्राइवेट नलकूपों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। नलकूप मालिकों को भुगतान किया जाएगा। सीडीओ संजय कुमार ने बताया कि जिले में चारे की पर्याप्त उपलब्धता है। भरारी में 640 कुंतल भूसा रिजर्व में रखा गया है। इसके अलावा पांच-पांच किलोग्राम के 650 फॉडर ब्लॉक भी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि शासन की मंशानुसार बुंदेलखंड के गांवों में बीस घंटे विद्युतापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
मनरेगा मजदूरों के बदले जाएंगे जॉब कार्ड
झांसी। सीडीओ संजय कुमार ने बताया कि सभी मनरेगा मजूदरों के जॉब कार्ड बदले जाएंगे। इसके लिए गांव-गांव में कैंप लगाए जाएंगे। नये कार्ड दिए जाने के बाद पुराने कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। पात्रों के ही जॉब कार्ड बनें, इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
नहरों में खत्म हुआ पानी
झांसी। जिले में खतरे की घंटी बजना शुरू हो गई है। सूखे के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। गांवों में जल का बड़ा स्त्रोत मानी जाने वाली नहरों में पानी खत्म हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जिले की सभी नहरों में पानी की उपलब्धता नगण्य है।केवल गुरसरांय नहर में ही कुछ पानी शेष है।
अनाज न मिले तो करें फोन
झांसी। सीडीओ ने आपूर्ति विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में अनाज वितरण की व्यवस्था चुस्त रखने के निर्देष दिए। इस दौरान डीएसओ ने बताया कि विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 18001800150 जारी किया है। इसके अलावा कंट्रोल रूम (0510 2380493) भी स्थापित किया गया है। कंट्रोल से राशन न मिलने पर इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। तत्काल कार्यवाही होगी।