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टिकटॉक के बाद रोपोस और चिंगारी एप बने युवाओं की पसंद
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tik tok replacement app
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झांसी। चीनी एप टिकटॉक बैन होने के बाद युवाओं पर चिंगारी और रोपोस एप का खुमार चढ़ा हुआ है। मनोरंजन के लिए युवाओं ने दोनों एप को खूब डाउनलोड किया है। इन एप के जरिए युवा वीडियो बनाने के साथ डाउनलोड कर रहे हैं। हालांकि एप की गति धीमी होने से कई बार मोबाइल भी हैंग हो रहे हैं। युवाओं का कहना है कि टिकटॉक जैसा मनोरंजन एप लांच किया जाए।
गलवां घाटी में चीनी सैनिकों की हरकत से 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद केंद्र सरकार ने बीते दिनों चीन के टिकटॉक समेत 59 एप को बैन कर दिया था। बुंदेलखंड में टिकटॉक के पांच लाख से ज्यादा फालोअर थे। आए दिन युवा टिकटॉक पर वीडियो बनाकर पोस्ट करते। साथ ही मनोरंजन भी होता था। एप पर प्रतिबंध लगने के बाद युवाओं ने टिकटॉक को मोबाइल से हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद चिंगारी और रोपोस एप युवाओं की पसंद बन गए हैं। बुंदेलखंड में अब तक 70 हजार से अधिक युवा दोनों एप को डाउनलोड कर चुके हैं। खास बात यह है कि टिकटॉक बैन होने के बाद तेजी से एप की डाउनलोडिंग में इजाफा हुआ है। वहीं एप की धीमी स्पीड को लेकर युवा इसमें सुधार और फीचर्स बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
बोले युवा
टिकटॉक प्रतिबंध से पहले ही हटा दिया था। अब रोपोस एप डाउनलोड किया है, लेकिन इसकी स्पीड काफी धीमी है। - आकांक्षा यादव
रोपोस और चिंगारी एप टिकटॉक जैसे ही हैं, लेकिन ये मोबाइल को हैंग कर देते हैं। इन एप का वीडियो कंटेंट बेहतर है।- मुस्कान
चिंगारी एप डाउनलोड कर लिया है। इसमें वीडियो बनाने में काफी मजा आ रहा है। देशी एप को सरकार प्रोत्साहन दे।- सोनिया
चीन के एप को प्रतिबंधित कर सरकार ने अच्छा किया है। देशी रोपोस एप को डाउनलोड किया है। इसकी स्पीड बहुत स्लो है।- माधव
टिकटॉक के बाद मनोरंजन के लिए देश में बने एप डाउनलोड किए हैं, लेकिन इनमें वीडियो देर से लोड हो पाती हैं।- हर्षित साहू
देशी एप निर्माताओं को अपने एप की स्पीड और क्वालिटी को बेहतर बनाना होगा। ताकि टिकटॉक को मात दी जा सके।- रिद्धी
चीनी एप को मोबाइल से हटा दिया है। अब नए एप डाउनलोड कर वीडियो बनाते हैं, लेकिन वीडियो बीच में रुक जाती है। - टिमस्या
चीन के एप हटाकर चिंगारी, रोपोस और मित्रो एप डाउनलोड किए हैं। इन एप से भी मनोरंजन हो रहा है। कंटेंट भी बेहतर है। - अंशिका
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गलवां घाटी में चीनी सैनिकों की हरकत से 20 सैनिकों के शहीद होने के बाद केंद्र सरकार ने बीते दिनों चीन के टिकटॉक समेत 59 एप को बैन कर दिया था। बुंदेलखंड में टिकटॉक के पांच लाख से ज्यादा फालोअर थे। आए दिन युवा टिकटॉक पर वीडियो बनाकर पोस्ट करते। साथ ही मनोरंजन भी होता था। एप पर प्रतिबंध लगने के बाद युवाओं ने टिकटॉक को मोबाइल से हटाना शुरू कर दिया। इसके बाद चिंगारी और रोपोस एप युवाओं की पसंद बन गए हैं। बुंदेलखंड में अब तक 70 हजार से अधिक युवा दोनों एप को डाउनलोड कर चुके हैं। खास बात यह है कि टिकटॉक बैन होने के बाद तेजी से एप की डाउनलोडिंग में इजाफा हुआ है। वहीं एप की धीमी स्पीड को लेकर युवा इसमें सुधार और फीचर्स बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
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बोले युवा
टिकटॉक प्रतिबंध से पहले ही हटा दिया था। अब रोपोस एप डाउनलोड किया है, लेकिन इसकी स्पीड काफी धीमी है। - आकांक्षा यादव
रोपोस और चिंगारी एप टिकटॉक जैसे ही हैं, लेकिन ये मोबाइल को हैंग कर देते हैं। इन एप का वीडियो कंटेंट बेहतर है।- मुस्कान
चिंगारी एप डाउनलोड कर लिया है। इसमें वीडियो बनाने में काफी मजा आ रहा है। देशी एप को सरकार प्रोत्साहन दे।- सोनिया
चीन के एप को प्रतिबंधित कर सरकार ने अच्छा किया है। देशी रोपोस एप को डाउनलोड किया है। इसकी स्पीड बहुत स्लो है।- माधव
टिकटॉक के बाद मनोरंजन के लिए देश में बने एप डाउनलोड किए हैं, लेकिन इनमें वीडियो देर से लोड हो पाती हैं।- हर्षित साहू
देशी एप निर्माताओं को अपने एप की स्पीड और क्वालिटी को बेहतर बनाना होगा। ताकि टिकटॉक को मात दी जा सके।- रिद्धी
चीनी एप को मोबाइल से हटा दिया है। अब नए एप डाउनलोड कर वीडियो बनाते हैं, लेकिन वीडियो बीच में रुक जाती है। - टिमस्या
चीन के एप हटाकर चिंगारी, रोपोस और मित्रो एप डाउनलोड किए हैं। इन एप से भी मनोरंजन हो रहा है। कंटेंट भी बेहतर है। - अंशिका