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डिफेंस कॉरिडोर के लिए तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी

Mon, 23 Dec 2019 12:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2019 12:27 AM IST
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three thusend acre more land eqauaisition in defence corridor
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर का दायरा और विस्तार लेने जा रहा है। इसके लिए जिले में तीन हजार एकड़ जमीन और ली जाएगी। ये जमीन अब तक ली जा चुकी जमीन के इर्दगिर्द ही ली जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।
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सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक डिफेंस कॉरिडोर है। ये अलीगढ़, आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर व लखनऊ में बनाया जाएगा। खास बात ये है कि इसका सबसे बड़ा हिस्सा झांसी में स्थापित होगा। कॉरिडोर के साठ फीसदी हिस्से की स्थापना झांसी में होगी। इसकी सबसे बड़ी वजह जमीन की आसानी से उपलब्धता व सस्ता होना है। उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण की ओर से जमीन क्रय करने का काम किया जा रहा है।
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पहले चरण में गरौठा तहसील में 871 हेक्टेअर जमीन क्रय की जानी थी। इसमें से 95 फीसदी जमीन ली जा चुकी है। जबकि, दूसरे चरण में 200 हेक्टेअर जमीन ली जानी थी। इसमें से 53 फीसदी क्रय की जा चुकी है। लेकिन, अब तीन हजार एकड़ जमीन और यहां ली जाएगी। इसकी घोषणा इसी माह दो दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर गए थे। इसके साथ ही जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी जमीन गरौठा तहसील के एरच, गेंदा कबूला, झबरा, नेकारा, कठर्री व लभेरा में ली गई है। कॉरिडोर के विस्तार के लिए इन गांवों के इर्दगिर्द ही जमीन ली जाएगी।
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डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। फरवरी में ये काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही कॉरिडोर आकार लेना शुरू कर देगा।
- शिवसहाय अवस्थी, जिलाधिकारी
1648 ग्रामीणों की ली जा चुकी है जमीन
डिफेंस कॉरिडोर के लिए जिले में 1648 ग्रामीणों से जमीन ली जा चुकी है। जमीन के एवज में ग्रामीणों को तीन अरब पांच करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सरकारी सर्किल रेट से चार गुना अधिक भुगतान किया जा रहा है। एरच में 40 लाख और अन्य स्थानों पर 30.80 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से ग्रामीणों को भुगतान किया जा रहा है।

बनेंगे गोला, बारूद और तोपें
डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उत्पाद गोला, बारूद, तोप बंदूक आदि का निर्माण होगा। कई विदेशी कंपनियां अपनी इकाई लगाएंगे। रक्षा उपकरण बनाने के बाद यहां उनका परीक्षण भी किया जाएगा। इसके लिए अलग से फील्ड फायरिंग रेंज स्थापित होगी। यही वजह है कि कॉरिडोर के लिए जमीन का विस्तार किया जा रहा है। इसके अलावा कॉरिडोर में सेना से जुड़ी अन्य चीजें वाहन, कपड़े, जूते आदि का भी निर्माण होगा। इससे क्षेत्र में रोजगार के असीम अवसर बढ़ने की संभावना है।
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