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Jhansi News: भर्ती परीक्षा के पेपर आउट करने के आरोपियों की नहीं हो पाई रिहाई
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करने के दो आरोपियों की जेल से रिहाई नहीं हो पाई। जनपद न्यायाधीश पीएन मिश्र की अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। पुलिस ने दोनों को पिछले माह गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने की फिराक में थे।
पुलिस ने 20 फरवरी को जिला मुरैना के थाना जौरा इलाके के टुडीला निवासी अभिताभ रावत को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया था कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने और परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम करता है। इसके एवज में वह लाखों रुपये वसूलता था। पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि आरोपी अभिताभ मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले का भी आरोपी रह चुका है। इस मामले में वह जेल भी गया था और जमानत पर बाहर आया था। पूछताछ़ में उसने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए थे। इसके बाद पुलिस ने उसके एक और साथी हाथरस के थाना शादाबाद इलाके के गढ़ उमराव निवासी विष्णु चौधरी उर्फ भोला को भी गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ स्वाट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर ने नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों अभियुक्तों की ओर से जेल से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गईं थीं, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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झांसी। प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक करने के दो आरोपियों की जेल से रिहाई नहीं हो पाई। जनपद न्यायाधीश पीएन मिश्र की अदालत ने दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। पुलिस ने दोनों को पिछले माह गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने की फिराक में थे।
पुलिस ने 20 फरवरी को जिला मुरैना के थाना जौरा इलाके के टुडीला निवासी अभिताभ रावत को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया था कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक करने और परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर अभ्यर्थियों को पास कराने का काम करता है। इसके एवज में वह लाखों रुपये वसूलता था। पुलिस की पड़ताल में सामने आया था कि आरोपी अभिताभ मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले का भी आरोपी रह चुका है। इस मामले में वह जेल भी गया था और जमानत पर बाहर आया था। पूछताछ़ में उसने अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए थे। इसके बाद पुलिस ने उसके एक और साथी हाथरस के थाना शादाबाद इलाके के गढ़ उमराव निवासी विष्णु चौधरी उर्फ भोला को भी गिरफ्तार किया था। दोनों के खिलाफ स्वाट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर ने नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था।
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जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुलकांत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों अभियुक्तों की ओर से जेल से रिहाई के लिए जमानत अर्जी दाखिल की गईं थीं, जिसे न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
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