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खेती-किसान, रक्षा-रोजगार पर फोकस पर टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ
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झांसी। वित्त मंत्री द्वारा पेश किया गया बजट बुंदेलखंड के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण है। इस बजट में खेती, किसान, रक्षा, रोजगार, आवास, डिजिटलाइजेशन पर फोकस किया गया है। इससे झांसी समेत बुंदेलखंड को भी लाभ होगा। हालांकि, टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद थी, जो नहीं हुआ। यह कहना है बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र एवं वित्त विभाग के शिक्षकों का।
बीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इरा तिवारी ने बताया कि दूरदृष्टि वाला बजट पेश किया गया है, जिसमें 25 सालों का रोडमैप है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1400 करोड़ रुपये देने से यहां पर सिंचाई और पेयजल दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। डिफेंस पर काफी फोकस किया गया है। 68 प्रतिशत लोकल इंडस्ट्री के लिए पूंजी लगाई जाएगी। इससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा। चूंकि, झांसी समेत बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर को सौगात मिल चुकी है। ऐसे में यहां पर नए-नए उपकरण बनेंगे। इससे रोजगार का भी सृजन होगा।
एमएसएमई में छह हजार करोड़ दिए हैं। ग्रामीण और कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्ट अप को नाबार्ड द्वारा संयुक्त निवेश का मॉडल कृषि संबंधी उद्योगों को गति देगा। गरीबों के लिए 80 लाख आवास बनाने की योजना है। कई आवास झांसी समेत बुंदेलखंड को भी मिलेंगे। एमएसपी का पैसा सीधे खाते में पहुंचने का फैसला किसानों के लिए अच्छा है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस पर कस्टम ड्यूटी कम होने से इलेक्ट्रिकल्स उपकरण सस्ते होंगे। इससे बीएचईएल को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। हर घर जल योजना के तहत भी अधिक से अधिक घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। नए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इससे झांसी रूट पर भी ट्रेन मिलने की संभावना है।
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चैनल से क्षेत्रीय भाषा में होगी पढ़ाई
एक क्लास, एक टीवी चैनल शिक्षा में काफी सहायक साबित होगा। कोरोना के चलते स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। पहली से बारहवीं कक्षा तक पीएम ई-विद्या के तहत अब 200 टीवी चैनल होंगे। इसमें क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई होगी।
अर्थशास्त्र के शिक्षकों की राय
सतत विकास की दिशा पर जोर
यह बजट सतत विकास की दिशा में सरकार के जोर को दर्शाता है। कृषि और ग्रामीण विकास पर फोकस है। आधुनिक सार्वजनिक परिवहन, सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं को प्रोत्साहित करना, कार्बन पदचिह्न को कम करने पर भी सरकार का जोर है। - प्रो. सीबी सिंह, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, बीयू।
अध्यापकों के लिए चुनौतियां बढ़ने वाली हैं
बजट में डिजिटल यूनिवर्सिटी और ई-विद्या चैनल लांच करने की घोषणा की है, जो कि सकारात्मक निर्णय है। मगर इससे अध्यापकों के लिए चुनौतियां बढ़ने वाली हैं। 60 लाख रोजगार देने का फैसला बेरोजगारी की चुनौतियों को देखते हुए एक अच्छा कदम होगा। - डॉ. राधिका चौधरी, अर्थशास्त्र विभाग, बीयू।
डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना एक सराहनीय कदम
केंद्र सरकार के इस बजट में एक डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना एक सराहनीय कदम है, जिससे छात्र-छात्राओं को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। मगर तकनीकी ज्ञान के अभाव में बेरोजगारी और बढ़ सकती है। अत: आने वाले दिन अध्यापकों को चुनौतीपूर्ण होने वाला है। - डॉ. शंभूनाथ सिंह, अर्थशास्त्र विभाग, बीयू।
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बीयू की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इरा तिवारी ने बताया कि दूरदृष्टि वाला बजट पेश किया गया है, जिसमें 25 सालों का रोडमैप है। केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए 1400 करोड़ रुपये देने से यहां पर सिंचाई और पेयजल दोनों के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। डिफेंस पर काफी फोकस किया गया है। 68 प्रतिशत लोकल इंडस्ट्री के लिए पूंजी लगाई जाएगी। इससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा। चूंकि, झांसी समेत बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर को सौगात मिल चुकी है। ऐसे में यहां पर नए-नए उपकरण बनेंगे। इससे रोजगार का भी सृजन होगा।
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एमएसएमई में छह हजार करोड़ दिए हैं। ग्रामीण और कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्ट अप को नाबार्ड द्वारा संयुक्त निवेश का मॉडल कृषि संबंधी उद्योगों को गति देगा। गरीबों के लिए 80 लाख आवास बनाने की योजना है। कई आवास झांसी समेत बुंदेलखंड को भी मिलेंगे। एमएसपी का पैसा सीधे खाते में पहुंचने का फैसला किसानों के लिए अच्छा है। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस पर कस्टम ड्यूटी कम होने से इलेक्ट्रिकल्स उपकरण सस्ते होंगे। इससे बीएचईएल को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। हर घर जल योजना के तहत भी अधिक से अधिक घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। नए वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इससे झांसी रूट पर भी ट्रेन मिलने की संभावना है।
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चैनल से क्षेत्रीय भाषा में होगी पढ़ाई
एक क्लास, एक टीवी चैनल शिक्षा में काफी सहायक साबित होगा। कोरोना के चलते स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। पहली से बारहवीं कक्षा तक पीएम ई-विद्या के तहत अब 200 टीवी चैनल होंगे। इसमें क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई होगी।
अर्थशास्त्र के शिक्षकों की राय
सतत विकास की दिशा पर जोर
यह बजट सतत विकास की दिशा में सरकार के जोर को दर्शाता है। कृषि और ग्रामीण विकास पर फोकस है। आधुनिक सार्वजनिक परिवहन, सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं को प्रोत्साहित करना, कार्बन पदचिह्न को कम करने पर भी सरकार का जोर है। - प्रो. सीबी सिंह, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग, बीयू।
अध्यापकों के लिए चुनौतियां बढ़ने वाली हैं
बजट में डिजिटल यूनिवर्सिटी और ई-विद्या चैनल लांच करने की घोषणा की है, जो कि सकारात्मक निर्णय है। मगर इससे अध्यापकों के लिए चुनौतियां बढ़ने वाली हैं। 60 लाख रोजगार देने का फैसला बेरोजगारी की चुनौतियों को देखते हुए एक अच्छा कदम होगा। - डॉ. राधिका चौधरी, अर्थशास्त्र विभाग, बीयू।
डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना एक सराहनीय कदम
केंद्र सरकार के इस बजट में एक डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना एक सराहनीय कदम है, जिससे छात्र-छात्राओं को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। मगर तकनीकी ज्ञान के अभाव में बेरोजगारी और बढ़ सकती है। अत: आने वाले दिन अध्यापकों को चुनौतीपूर्ण होने वाला है। - डॉ. शंभूनाथ सिंह, अर्थशास्त्र विभाग, बीयू।