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बड़ागांव में एक-एक वोट की लड़ाई, मऊरानीपुर में भाजपा की सबसे आसान जीत
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झांसी। ब्लॉक प्रमुख के लिए शनिवार को छह सीटों पर हुए मतदान के दौरान बड़ागांव सीट पर भाजपा-सपा के बीच कांटे की टक्कर रही। वहीं मऊरानीपुर में जीत पाना भाजपा के लिए सबसे आसान रहा।
बड़ागांव में सबसे कम बीडीसी सदस्य थे। दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला रहा। भाजपा उम्मीदवार रचना राजपूत के पक्ष में जहां दिग्गज भाजपा नेताओं ने व्यूह रचना की थी वहीं, सपा उम्मीदवार रेखा यादव के समर्थन में पूर्व सांसद डा.चंद्रपाल यादव खुद समीकरण दुरूस्त करने में जुटे थे। उम्मीदवारों ने एक-एक वोटर को अपनी उंगलियों में गिना हुआ था। दोपहर करीब बारह बजे जब सपा उम्मीदवार के समर्थन में एक बस में सवार होकर बीडीसी सदस्य पहुंचे तब सपा का पलड़ा मजबूत होता दिखा लेकिन, आखिरकार यहां भाजपा की व्यूह रचना काम आई। बेहद करीबी मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार ने सपा उम्मीदवार को छह वोटों से शिकस्त दे दी।
भाजपा को सबसे बड़ी जीत मऊरानीपुर में मिली। यहां से सपा उम्मीदवार वंदना यादव ने बेहद संघर्ष करके नामांकन दाखिल किया था लेकिन, उनको शिकस्त देने में भाजपा उम्मीदवार आनंद सिंह को कोई परेशानी नहीं हुई। सबसे अधिक 47 वोटों के अंतर से भाजपा उम्मीदवार यहां जीत हासिल करने में कामयाब रहे। निर्दलीय उम्मीदवारों में सबसे आसान जीत बबीना में बबीता यादव के खाते में आई। चिरगांव सीट से सपा उम्मीदवार रामनरेश इकलौते उम्मीदवार थे, जिनके पास खुद पूर्व में यह चुनाव लड़ने का अनुभव था। उनके सामने भाजपा उम्मीदवार राजकांतेश पहली बार चुनाव में किस्मत अजमाने उतरे, लेकिन वह अनुभवी रामनरेश को पटखनी देने में कामयाब रहे।
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मतपत्र पर गलत तरीके से दर्ज किए अंक
सबसे अधिक छह अवैध वोट मऊरानीपुर में डाले गए। अधिकांश सदस्यों ने मतपत्र के सामने गलत तरीके से अंक दर्ज किए थे। इनको अवैध करार दिया गया। वहीं, बबीना में सबसे अधिक पांच बीडीसी सदस्य वोट डालने नहीं पहुंचे। बामौर ऐसा ब्लॉक रहा, जहां दोनोें ही उम्मीदवार भाजपा से जुड़े हुए हैं। समझौता न होने से दोनों के बीच चुनाव कराया गया।
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बड़ागांव में सबसे कम बीडीसी सदस्य थे। दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे का मुकाबला रहा। भाजपा उम्मीदवार रचना राजपूत के पक्ष में जहां दिग्गज भाजपा नेताओं ने व्यूह रचना की थी वहीं, सपा उम्मीदवार रेखा यादव के समर्थन में पूर्व सांसद डा.चंद्रपाल यादव खुद समीकरण दुरूस्त करने में जुटे थे। उम्मीदवारों ने एक-एक वोटर को अपनी उंगलियों में गिना हुआ था। दोपहर करीब बारह बजे जब सपा उम्मीदवार के समर्थन में एक बस में सवार होकर बीडीसी सदस्य पहुंचे तब सपा का पलड़ा मजबूत होता दिखा लेकिन, आखिरकार यहां भाजपा की व्यूह रचना काम आई। बेहद करीबी मुकाबले में भाजपा उम्मीदवार ने सपा उम्मीदवार को छह वोटों से शिकस्त दे दी।
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भाजपा को सबसे बड़ी जीत मऊरानीपुर में मिली। यहां से सपा उम्मीदवार वंदना यादव ने बेहद संघर्ष करके नामांकन दाखिल किया था लेकिन, उनको शिकस्त देने में भाजपा उम्मीदवार आनंद सिंह को कोई परेशानी नहीं हुई। सबसे अधिक 47 वोटों के अंतर से भाजपा उम्मीदवार यहां जीत हासिल करने में कामयाब रहे। निर्दलीय उम्मीदवारों में सबसे आसान जीत बबीना में बबीता यादव के खाते में आई। चिरगांव सीट से सपा उम्मीदवार रामनरेश इकलौते उम्मीदवार थे, जिनके पास खुद पूर्व में यह चुनाव लड़ने का अनुभव था। उनके सामने भाजपा उम्मीदवार राजकांतेश पहली बार चुनाव में किस्मत अजमाने उतरे, लेकिन वह अनुभवी रामनरेश को पटखनी देने में कामयाब रहे।
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मतपत्र पर गलत तरीके से दर्ज किए अंक
सबसे अधिक छह अवैध वोट मऊरानीपुर में डाले गए। अधिकांश सदस्यों ने मतपत्र के सामने गलत तरीके से अंक दर्ज किए थे। इनको अवैध करार दिया गया। वहीं, बबीना में सबसे अधिक पांच बीडीसी सदस्य वोट डालने नहीं पहुंचे। बामौर ऐसा ब्लॉक रहा, जहां दोनोें ही उम्मीदवार भाजपा से जुड़े हुए हैं। समझौता न होने से दोनों के बीच चुनाव कराया गया।