{"_id":"65da3946553c076ca2029704","slug":"there-was-a-huge-uproar-over-installing-statues-in-the-saints-garden-jhansi-news-c-11-1-jhs1002-269590-2024-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: संत की बगिया में प्रतिमाएं स्थापित करने को लेकर जमकर हुआ हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: संत की बगिया में प्रतिमाएं स्थापित करने को लेकर जमकर हुआ हंगामा
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शनिवार को बड़ागांव गेट बाहर स्थित संत रविदास बगिया में संत रविदास और डा. आंबेडकर की प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर जमकर हंगामा हुआ। एक पक्ष जहां प्रतिमा स्थापित करने पर अड़ा हुआ था, तो वहीं दूसरे पक्ष की ओर से इसकी शिकायत प्रशासन से कर दी गई। दूसरे पक्ष का कहना था कि बगिया की जमीन के स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में वहां प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जा सकतीं। इस पर मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। तकरीबन पांच घंटे तक रस्साकसी चलती रही। देर शाम मामला शांत हुआ और प्रतिमाएं वापस बगिया के कमरे में रखवा दीं गईं।
शहर कोतवाली इलाके में स्थित संत रविदास बगिया में समिति के सदस्यों की ओर से संत रविदास और डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए दोनों प्रतिमाओं को लाकर बगिया के एक कमरे में रखवा दिया गया था। प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए रविदास जयंती का दिन तय किया था। इसकी जानकारी लगते ही दूसरे पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात भी रखी थी। दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत भी कराई गई थी, परंतु सामंजस्य नहीं बन पाया था। दूसरे पक्ष की दलील थी कि बगिया की जमीन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमे का फैसला आने के बाद ही वहां पर कोई नया निर्माण या प्रतिमाओं की स्थापना कराई जा सकती है। शुक्रवार को जयंती पर संत रविदास की शोभा यात्रा निकाली गई। इसके बाद एक पक्ष के लोगों ने बगिया में पहुंचकर कमरे में रखीं प्रतिमाओं को बाहर निकाल लिया। इसकी भनक लगते ही दूसरे पक्ष ने शिकायत प्रशासन से कर दी। इससे वहां हंगामा खड़ा हो गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस दरम्यान विभिन्न दलों के नेता भी मौके पर पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन होने लगा। सूचना पर सीओ सिटी राजेश कुमार राय, सीओ सदर स्नेहा तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट विधेश कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, परंतु वे अपने रुख पर अड़े रहे। तकरीबन पांच घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। देर शाम मामला शांत हुआ। सीओ सिटी राजेश कुमार राय ने बताया कि समाज के लोगों द्वारा ही प्रतिमाओं को वापस बगिया के कमरे में रखवा दिया गया है। बगिया में सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
झांसी। शनिवार को बड़ागांव गेट बाहर स्थित संत रविदास बगिया में संत रविदास और डा. आंबेडकर की प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर जमकर हंगामा हुआ। एक पक्ष जहां प्रतिमा स्थापित करने पर अड़ा हुआ था, तो वहीं दूसरे पक्ष की ओर से इसकी शिकायत प्रशासन से कर दी गई। दूसरे पक्ष का कहना था कि बगिया की जमीन के स्वामित्व का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में वहां प्रतिमाएं स्थापित नहीं की जा सकतीं। इस पर मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। तकरीबन पांच घंटे तक रस्साकसी चलती रही। देर शाम मामला शांत हुआ और प्रतिमाएं वापस बगिया के कमरे में रखवा दीं गईं।
शहर कोतवाली इलाके में स्थित संत रविदास बगिया में समिति के सदस्यों की ओर से संत रविदास और डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित करने का निर्णय लिया था। इसके लिए दोनों प्रतिमाओं को लाकर बगिया के एक कमरे में रखवा दिया गया था। प्रतिमाएं स्थापित करने के लिए रविदास जयंती का दिन तय किया था। इसकी जानकारी लगते ही दूसरे पक्ष ने इसका विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों की ओर से पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष अपनी बात भी रखी थी। दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत भी कराई गई थी, परंतु सामंजस्य नहीं बन पाया था। दूसरे पक्ष की दलील थी कि बगिया की जमीन को लेकर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मुकदमे का फैसला आने के बाद ही वहां पर कोई नया निर्माण या प्रतिमाओं की स्थापना कराई जा सकती है। शुक्रवार को जयंती पर संत रविदास की शोभा यात्रा निकाली गई। इसके बाद एक पक्ष के लोगों ने बगिया में पहुंचकर कमरे में रखीं प्रतिमाओं को बाहर निकाल लिया। इसकी भनक लगते ही दूसरे पक्ष ने शिकायत प्रशासन से कर दी। इससे वहां हंगामा खड़ा हो गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस दरम्यान विभिन्न दलों के नेता भी मौके पर पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन होने लगा। सूचना पर सीओ सिटी राजेश कुमार राय, सीओ सदर स्नेहा तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट विधेश कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, परंतु वे अपने रुख पर अड़े रहे। तकरीबन पांच घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। देर शाम मामला शांत हुआ। सीओ सिटी राजेश कुमार राय ने बताया कि समाज के लोगों द्वारा ही प्रतिमाओं को वापस बगिया के कमरे में रखवा दिया गया है। बगिया में सुरक्षा के इंतजाम कर दिए गए हैं।
विज्ञापन