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चुनाव में कलाकारों को नहीं मिल रहा है काम
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झांसी। कोरोना के कारण पिछले दो साल से बेरोजगारी की हालत झेल रहे बुंदेली कलाकारों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। लेकिन अभी तक किसी भी राजनीतिक दल अथवा संभावित प्रत्याशियों ने नुक्कड नाटक, प्रचार प्रसार के लिए संपर्क नहीं किया है। इन कलाकारों का कहना है कि प्रत्येक चुनाव में जनता से तमाम वायदे किये जाते हैं लेकिन हमारा हाल देख कर कहा जा सकता है, कि राजनीतिक दलों को न तो कलाकारों से कोई मतलब और न ही बुंदेली लोक कला संस्कृति से।
चुनाव से उम्मीद जगी थी, कि काम मिलेगा। लेकिन अभी तक किसी ने भी नुक्कड़ नाटक आदि के लिए संपर्क नहीं किया है।
शीलू पंडित बुंदेली कलाकार
पिछले सभी चुनाव के दौरान कलाकार व्यस्त रहते थे। जगह - जगह नुक्कड़ नाटक, गीतों के माध्यम से प्रचार करते थे। वह अब नहीं नजर आ रहा है।
पवन अग्रवाल बुंदेली कलाकार
कोरोना वायरस के कारण अधिकांश कलाकार बेरोजगार हैं। अब उनके पास कोई काम नहीं है। सरकार द्वारा कोई मदद नहीं है।
डॉली ठाकुर बुंदेली कलाकार
कलाकार प्रचार के दौरान बुंदेली लोक गीत, नारों व संगीत का भी उपयोग करते है। इससे नई पीढ़ी भी जागरूक होती थी। वह अब नहीं दिख रही है।
अरविंद बुंदेली कलाकार
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चुनाव से उम्मीद जगी थी, कि काम मिलेगा। लेकिन अभी तक किसी ने भी नुक्कड़ नाटक आदि के लिए संपर्क नहीं किया है।
शीलू पंडित बुंदेली कलाकार
पिछले सभी चुनाव के दौरान कलाकार व्यस्त रहते थे। जगह - जगह नुक्कड़ नाटक, गीतों के माध्यम से प्रचार करते थे। वह अब नहीं नजर आ रहा है।
पवन अग्रवाल बुंदेली कलाकार
कोरोना वायरस के कारण अधिकांश कलाकार बेरोजगार हैं। अब उनके पास कोई काम नहीं है। सरकार द्वारा कोई मदद नहीं है।
डॉली ठाकुर बुंदेली कलाकार
कलाकार प्रचार के दौरान बुंदेली लोक गीत, नारों व संगीत का भी उपयोग करते है। इससे नई पीढ़ी भी जागरूक होती थी। वह अब नहीं दिख रही है।
अरविंद बुंदेली कलाकार