{"_id":"6a00f37ddae797966c0a2433","slug":"the-uniform-tarnished-by-gambling-addiction-police-personnel-place-bets-via-mobile-phones-jhansi-news-c-11-1-jhs1019-792971-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: सट्टे की लत में दागदार हो रही ''वर्दी'', सटोरियों की डायरी में पुलिसकर्मियों के नाम और हार-जीत ब्योरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: सट्टे की लत में दागदार हो रही ''वर्दी'', सटोरियों की डायरी में पुलिसकर्मियों के नाम और हार-जीत ब्योरा
Mon, 11 May 2026 02:37 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 02:37 AM IST
सार
सट्टा खेलने में पुलिसकर्मी भी पीछे नहीं हैं। आम लोगों के साथ थानों में तैनात पुलिसकर्मी भी जमकर आईपीएल मैच में दांव लगा रहे हैं।
विज्ञापन
झांसी में पुलिसकर्मी का सट्टेबाजी में आया नाम।
विस्तार
ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई चल रही है लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि सट्टा खेलने में पुलिसकर्मी भी पीछे नहीं हैं। आम लोगों के साथ थानों में तैनात पुलिसकर्मी भी जमकर आईपीएल मैच में दांव लगा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सिटी, सदर सर्किल के थानों में तैनात कई पुलिसकर्मी मोबाइल के जरिये अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा एप और आईडी संचालित कर रहे हैं। खुद भी रोजाना आईपीएल के मैच में लाखों रुपये का दांव लगा रहे हैं।
मोबाइल से दांव लगा रहे
पिछले 15 दिनों में झांसी पुलिस ने ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ कई स्थानों पर दबिश देकर कार्रवाई की है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मोबाइल, सिम कार्ड, लैपटॉप और नगदी भी बरामद हुई। यह भी सामने आया कि सटोरियों ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए नए मोबाइल नंबर, फर्जी नामों पर सिम और अलग-अलग आईडी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक सिपाही के सट्टे से जुड़ा मामला पकड़ में आने के बावजूद पुलिसकर्मी अब भी बेखौफ हैं। हालांकि सट्टा खेलने के आदी पुलिसकर्मी अब और सतर्क होकर मोबाइल पर सट्टा खेलने लगे हैं।
अभी भी आईडी सक्रिय
बताया जा रहा है कि उनके फोन में कई सक्रिय आईडी लॉगिन हैं, जिनसे क्रिकेट मैच, आईपीएल और अन्य खेलों पर दांव लगाए जा रहे हैं। वहीं, सट्टे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बाद सटोरियों ने अपना तरीका भी बदल लिया है। पहले जहां खुलेआम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये लेन-देन हो रहा था, अब ऑफलाइन नेटवर्क के भरोसे यह खेल हो रहा है। भरोसेमंद ग्राहकों को ही आईडी दी जा रही है। भुगतान नकद या चुनिंदा डिजिटल माध्यमों से कराया जा रहा है। सटोरियों के पास से मिले रजिस्टर एवं डायरी में भी कई पुलिसकर्मियों के नाम और उनकी जीती हारी रकम का ब्योरा दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोबाइल से दांव लगा रहे
पिछले 15 दिनों में झांसी पुलिस ने ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ कई स्थानों पर दबिश देकर कार्रवाई की है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मोबाइल, सिम कार्ड, लैपटॉप और नगदी भी बरामद हुई। यह भी सामने आया कि सटोरियों ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए नए मोबाइल नंबर, फर्जी नामों पर सिम और अलग-अलग आईडी का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि हाल ही में एक सिपाही के सट्टे से जुड़ा मामला पकड़ में आने के बावजूद पुलिसकर्मी अब भी बेखौफ हैं। हालांकि सट्टा खेलने के आदी पुलिसकर्मी अब और सतर्क होकर मोबाइल पर सट्टा खेलने लगे हैं।
विज्ञापन
अभी भी आईडी सक्रिय
बताया जा रहा है कि उनके फोन में कई सक्रिय आईडी लॉगिन हैं, जिनसे क्रिकेट मैच, आईपीएल और अन्य खेलों पर दांव लगाए जा रहे हैं। वहीं, सट्टे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बाद सटोरियों ने अपना तरीका भी बदल लिया है। पहले जहां खुलेआम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये लेन-देन हो रहा था, अब ऑफलाइन नेटवर्क के भरोसे यह खेल हो रहा है। भरोसेमंद ग्राहकों को ही आईडी दी जा रही है। भुगतान नकद या चुनिंदा डिजिटल माध्यमों से कराया जा रहा है। सटोरियों के पास से मिले रजिस्टर एवं डायरी में भी कई पुलिसकर्मियों के नाम और उनकी जीती हारी रकम का ब्योरा दर्ज है।
विज्ञापन