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झांसी : शिक्षकों ने ही रची थी नंबर बढ़ाने की पटकथा, 15 फंसे, गाज गिरना तय
Wed, 29 Dec 2021 03:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 29 Dec 2021 03:12 AM IST
सार
बीएएमएस की परीक्षा में हुआ था फर्जीवाड़ा। बीयू की परीक्षा समिति ने नौ और छात्रों की परीक्षा की निरस्त।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस की परीक्षा में नंबर बढ़ाने की पटकथा शिक्षकों ने ही रची थी। शिक्षकों के इशारे पर ही छात्रों ने कॉपियों में विशेष साइन बनाए। बीयू की जांच में 15 परीक्षक फंस गए हैं। इन पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है। इसके अलावा बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की परीक्षा समिति ने नौ और छात्रों की परीक्षा निरस्त कर दी है।
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बुंदेलखंड के तीन आयुर्वेदिक कॉलेजों की बीएएमएस प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा फरवरी-मार्च में हुई थी। चूंकि, बीयू प्रशासन को परीक्षा से पहले ही फर्जीवाड़े को लेकर शिकायत मिल गई थी, ऐसे में पूर्व कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने कमेटी गठित कर कॉपियों की जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिली। 3000 कॉपियों में 653 कॉपियों में हैश टैग समेत विशेष चिह्न बने पाए गए।
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ये कॉपियां 180 छात्रों द्वारा लिखी गई थीं। बाद में 140 छात्रों की परीक्षा स्थगित की गई। 20 विद्यार्थियों के रिजल्ट जारी कर दिए। संदिग्ध 18 विद्यार्थियों की कॉपियां पुनर्मूल्यांकन के लिए भेजी गईं। मंगलवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में जांच समिति की रिपोर्ट खोली गई। समिति की सिफारिश पर नौ और छात्रों की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। इसके अलावा 15 परीक्षक इस फर्जीवाड़े में फंस गए हैं।
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इससे तय हो गया है कि नंबर बढ़ाने के फर्जीवाड़े में शिक्षकों की ही मुख्य तौर पर संलिप्तता है। छात्रों से कॉपियों में हैश टैग समेत विशेष चिह्न बनवाए गए, फिर उन कॉपियों में दोगुने तक नंबर दिए गए। अब उनका स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। जवाब आने के बाद इन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जांच के लिए ये फॉर्मूला अपनाया
जिन कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन में 15 फीसदी या उससे ज्यादा अंक कम हुए हैं, उनमें विशेष चिह्न होने की वजह से परीक्षक द्वारा ज्यादा नंबर दिए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, पुनर्मूल्यांकन में समिति अगर 10 फीसदी अंक कम होने मानक लेकर चलती तो सात और विद्यार्थियों का रिजल्ट निरस्त हो जाता।
परीक्षा समिति ने 18 में से नौ छात्रों के रिजल्ट निरस्त कर दिए हैं। इनकी कॉपियों में 15 फीसदी या इससे ज्यादा अंक पुनर्मूल्यांकन में कम हुए हैं। नंबर बढ़ाने के खेल में 15 परीक्षक भी चिह्नित किए गए हैं। इनका स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। जवाब आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक, बीयू