फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The sting of partition of the country had made him a refugee.

Jhansi News: देश के बंटवारे के दंश ने बना दिया था शरणार्थी

Thu, 20 Jun 2024 04:43 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2024 04:43 AM IST
विज्ञापन
The sting of partition of the country had made him a refugee.
---- विश्व शरणार्थी दिवस पर विशेष ----
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। घर था, खेत थे और मान सम्मान भी बहुत था, लेकिन देश के बंटवारे के दंश ने एक झटके में शरणार्थी बना दिया था। जो दूसरों को नौकरी पर रखे हुए थे, वह यहां काम की तलाश में भटकने को मजबूर हो गए थे। यहां बात हो रही है बंटवारे के बाद पाकिस्तान से परिवार के साथ आए वधायाराम की, जिन्होंने यहां आकर नए सिरे से जीवन की शुरुआत की थी।

देश की आजादी की सुगबुगाहट के साथ अंग्रेजों ने भारत के बंटवारे का भी ताना-बाना बुन दिया था। बंटवारे के दौरान भड़की हिंसा में लाखों लोगों को पाकिस्तान से भागकर यहां आना पड़ा था। उस दौर में पाकिस्तान से आए 70 परिवार भी झांसी पहुंचे थे। उन्हें यहां नई पहचान शरणार्थी दी गई थी। इनमें वधायाराम भी थे, जिनका परिवार प्रेमनगर में रहता है। वधायाराम के पोते तरुण अरोड़ा ने बताया कि उनके दादा पाकिस्तान के गुजरात से यहां आए थे। वहां वह खेती करते थे। घर में गाय-भैंस पली हुई थी और नौकर-चाकर भी थे। बंटवारे के दौरान उन्हें अपना सब कुछ पाकिस्तान में छोड़कर आना पड़ा था। पहले वह इंदौर के पास रहे और बाद में झांसी प्रेमनगर में आकर बस गए थे। तब परिस्थितियों में एकदम से बदलाव हुआ था। जमीन-जायजाद, पैसा सब पाकिस्तान में छूट गया था। यहां आकर जीवन की नई शुरुआत की थी। समाज की मुख्य धारा में शामिल होने पर सालों लग गए थे। पाकिस्तान से भारत आए सभी शरणार्थियों की कमोबेश यही स्थिति रही थी। दादा के मुंह से बंटवारे की दुश्वारियों को सुनकर रूह कांप जाती थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed