फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The splendor of the ancient temples of Dudai missing in the ruins

खंडहर में गुम हो रहा दूधई के प्राचीन मंदिरों का वैभव

Fri, 02 Sep 2022 11:54 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 11:54 PM IST
विज्ञापन
The splendor of the ancient temples of Dudai missing in the ruins
झांसी/ललितपुर। ललितपुर में जैन पुरातत्व संपदा का अकूत भंडार है। लेकिन सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण यह संपदा बदहाली की शिकार हो रही है। दूधई के प्राचीन जैन मंदिरों का वैभव खंडहर में गुम हो रहा है।
विज्ञापन

पाली तहसील क्षेत्र के कनपुरा घाटी से पांच कि मी दूर विंध्याचल पर्वत शृंखला पर बसे गांव दूधई के जैन मंदिर भी प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। मंदिर रख-रखाव के अभाव में खंडहर होते जा रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां जाने के लिए रास्ते बंद हो जाते हैं। यहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही बिजली है। रेस्ट हाउस भी बदाल स्थिति में है।
विज्ञापन

इतिहासकारों की मानें तो गांव दूधई में बने भगवान शांतिनाथ और आदिनाथ के जिनालय नौवीं और दसवीं शताब्दी के हैं। भगवान शांतिनाथ की 16 फुट ऊंची मूर्ति एक ही पत्थर में बनी है। ऐसा माना जाता है कि यहां मनोकामना जरूर पूरी होती है। वहीं एक मंदिर में भगवान नेमिनाथ की बरात का सजीव चित्रण किया गया है। वह भी जीर्णशीर्ण हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भगवान आदिनाथ की विशाल सात फु ट ऊंची पद्मासन खंडित मूर्ति है। इसपर कोई छाया नहीं है। इसी मंदिर में बीच में भरत बाहुबलि की मूर्ति है। इसके अलावा गांव में कुछ ऐसे टीले हैं जिनमें जैन मूर्तियों के अवशेष हैं। भगवान महावीर के 2600वें निर्वाण महोत्सव वर्ष में केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने यहां पर एक विश्रामालय और सड़क बनवाई थी, लेकिन अब दोनों बदहाल हो गए हैं। सड़क मार्ग तो बारिश में पूरी तरह से बंद हो जाता है। साथ ही विश्रामालय भी बंद पड़ा है।

उत्तर प्रदेश-उत्तरांचल तीर्थ क्षेत्र कमेटी के सदस्य सुनील जैन संचय और उत्तर प्रदेश-उत्तरांचल तीर्थक्षेत्र कमेटी के महामंत्री प्रवीण जैन बताते हैं कि क्षेत्र के विकास और जीर्णोद्धार की महती आवश्यकता है। साथ ही पुरातत्व धरोहर का संरक्षण कर इसे बचाया जा सकता है। सरकार और प्रशासन को भी इस पुरातत्व विरासत के संरक्षण और संवर्द्धन की पहल करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed