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Jhansi News: मंडल में वन क्षेत्र का दायरा तो रहा सीमित, लेकिन धरा पर कम हुई हरियाली

Tue, 21 Mar 2023 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Mar 2023 12:39 AM IST
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The scope of the forest area remained limited in the circle, but the greenery decreased on the ground
धरती पर हरियाली बिखेरने के लिए वन विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष पौधरोपण किया जाता है। इस पर विभाग द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन नियमित निगरानी नहीं होने के कारण महज तीस फीसदी ही पौधे जीवित रहते हैं। इसके अलावा वन माफियाओं की भी नजर जंगलों के बेशकीमती पेड़ों पर रहती है। वन कर्मी और आधुनिक हथियारों की कमी के कारण आमना-सामना होने पर वन कर्मियों को कदम पीछे खींचने पर मजबूर होना पड़ता है। जिसका सीधा असर जंगलों और हरियाली पर पड़ रहा है।
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झांसी, ललितपुर और जालौन का भौगौलिक क्षेत्रफल 14119 वर्ग किलोमीटर है। जिसके तहत झांसी 5024,जालौन 4056 एवं ललितपुर 5039 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 1335.51 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में घना जंगल फैला हुआ है। झांसी में 334.96, जालौन 256.40 एवं 744.15 वर्ग किलोमीटर के दायरे में जंगल हैं। इन जंगलों में सागौन, शीशम, कंजी, खेर, करदई, चिलबिल, अर्जुन, नीम, आम, आंवला, करौंदी सहित कई बेशकीमती पेड़ लगे हुए हैं। जंगलों की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा वन कर्मियों की तैनाती तो की गई है। लेकिन वन कर्मियों के पास पुराने ढर्रे की बंदूकें होेने के कारण वन माफियाओं से सामना होनेे पर कदम पीछे खींचने को मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा नगरीय क्षेत्र में कॉलोनियों को विकसित करने के लिए पेड़ों का कटान जोरों पर हैं। वहीं निर्माण कार्यों के लिए भी कई बेशकीमती और हरे-भरे पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई है। जिसका सीधा असर धरती की हरियाली पर पड़ा है।
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प्रभागीय वन अधिकारी एमपी गौतम के मुताबिक जंगलों की रक्षा के लिए वन कर्मियों की तैनाती की गई है। विभगीय अफसरों द्वारा भी समय-समय पर जंगलों की निगरानी जाती है। आधुनिक हथियारों के लिए विभागीय अफसरों को लिखित रूप से अवगत कराया गया है।
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