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Jhansi News: पथरई बांध को छोड़ रखा है उसके हाल पर

Sun, 26 Jul 2026 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:52 AM IST
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The Pathrai Dam has been left to its fate.
भास्कर बबेले
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बंगरा। मऊरानीपुर तहसील के विकासखंड बंगरा में स्थित पथरई बांध जिले की महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। यह बांध लगभग साढ़े पांच हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराता है। इसके बावजूद, इसे इसके हाल पर छोड़ रखा गया है। यहां तक कि बांध पर बिजली का कनेक्शन तक नहीं है, जिससे शाम होते ही इसके इर्द-गिर्द अंधेरा छा जाता है। इसके अलावा इसके पास से गुजरी सड़क भी बदहाल है। सुरक्षा व अन्य सुविधाओं का भी यहां कोई खास इंतजाम नहीं है।
मऊरानीपुर और टहरौली तहसील के खेतों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके, इसके लिए 24 साल पहले पथरई बांध का निर्माण किया गया था। तत्कालीन सिंचाई मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने इसका 25 सितंबर 2001 को लोकार्पण किया था। इसके बाद से यह बांध लगातार खेतों का ख्याल रखता आ रहा है, लेकिन इस पर ध्यान देने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। इसका अंदाजा बांध के इर्द-गिर्द के हालातों को देखकर लगाया जा सकता है।
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बांध का निर्माण होने के बाद से अब तक यहां बिजली का कनेक्शन नहीं है। इसके इर्द-गिर्द बिजली के 40 खंभे लगे हुए हैं। इनमें से कई की हालत खस्ता है। इसके अलावा बिजली न होने की वजह से खंभों पर स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिससे शाम से ही यहां अंधेरा छा जाता है। इसके अलावा बांध से सटी लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क बंगरा से टहरौली मार्ग के बीच पड़ती है, लेकिन इस सड़क की हालत बेहद खस्ता है। सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने की वजह से इस पर से वाहन हिचकोले खाते हुए गुजरते हैं। साथ ही यहां सुरक्षा का भी कोई खास इंतजाम नहीं है। बांध पर घूमने आने वालों के लिए अन्य जन सहूलियतों का भी अभाव है। स्थानीय विभा पस्तोर, राघवेंद्र, दीपक, जितेंद्र, भूपेंद्र, भानु, राजू, विनय आदि ने बांध की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की है। (संवाद)
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बांध पर बिजली की व्यवस्था नहीं है। सड़क का एस्टिमेट भेजा गया है। कुछ जगहों पर हैंडपंप भी लगवाए गए हैं।
- ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, अभियंता-सिंचाई विभाग
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