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जननी को नहीं मिल रही ‘मनी’

Tue, 14 Feb 2017 12:44 AM IST
jhansi
jhansi Updated Tue, 14 Feb 2017 12:44 AM IST
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The mother can not find the 'Money'
heath news - फोटो : DEMO
बैंक में एडवाइस फंसी होने के कारण जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) का पैसा एक चौथाई से अधिक लाभार्थियों का पैसा खाते में नहीं पहुंच सका है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के 25 फीसदी और महिला अस्पताल 35 फीसदी लाभार्थी खाते में पैसे की आस लगाए बैठे हैं।
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भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जननी सुरक्षा योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाली शहरी महिलाओं को संस्थागत प्रसव पर एक हजार रुपये और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1400 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रसव अस्पताल में अथवा प्रशिक्षित दाई द्वारा की जाती है। योजना का उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं को प्रसव की संस्थागत सुविधा प्रदान करना है। मौजूदा समय में स्वास्थ्य केंद्रों ने 75 फीसदी लाभार्थियों के खाते में पैसा पहुंचा दिया है, जबकि 25 फीसदी को लाभ नहीं मिला है। वहीं, महिला अस्पताल इस मामले में और पीछे हैं। अस्पताल ने 65 फीसदी लाभार्थियों के खाते में पैसा पहुंचाया है। जबकि, 35 फीसदी अभी भी पैसा की आस लगाए बैठे हैं। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीके खत्री से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बैंक की समस्या के चलते 35 फीसदी लाभार्थी का भुगतान नहीं हो पा रहा है। अधिकतर लाभार्थियों का डाटा एमसीटीएस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है।
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शीघ्र ही होगा भुगतान
करीब 2.5 करोड़ रुपये बैंक की एडवाइस में फंसा हुआ है। हम बैंक से लगातार संपर्क में हैं। जल्द भुगतान करवाया जाएगा। - डॉ. विनोद कुमार यादव, सीएमओ 
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