{"_id":"60edd8f78ebc3e13527ac00a","slug":"the-identity-of-islam-is-to-come-forward-to-help-the-needy-jhansi-news-jhs199460554","type":"story","status":"publish","title_hn":"जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना ही इस्लाम की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना ही इस्लाम की पहचान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुधवार को फिल्टर स्थित मस्जिद में जलसे का आयोजन किया गया। जलसे में कानपुर से आए उलमाओं ने ईद-उल-अजहा और कुर्बानी के मकसद के बारे में जानकारी दी। उलमाओं ने कहा कि जरूरतमंदों की मदद करना ही असल इस्लाम है। इस मौके पर जमीयतुल उलमा-ए-हिंद की कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया।
मौलाना शाकिर कासमी ने कहा कि वक्त नाजुक है सभी को अक्ल और सब्र से काम लेना चाहिए। कामयाबी के लिए नबी के बताए रास्ते को अख्तियार करें। मौलाना मंसूर ने कहा की बेहतरीन अखलाक ही मोमिन की पहचान है। सभी के साथ अच्छा बर्ताव करना चाहिए। मौलाना शम्स कमर ने कहा कि हम लोगों को इस तरह से कुर्बानी करना चाहिए की किसी भी मजहब के लोगों को परेशानी नही हो। परेशानी होने पर कुर्बानी का मकसद खत्म हो जाएगा। मौलाना उवैद ने कहा कि जमीयतुल उलमाए हिंद के लोगों ने आजादी की जंग में हिस्सा लेकर अपनी जानों को देश की आजादी के लिए कुर्बान किया है। जयमीयतुल उलमा-ए-हिंद की कार्यकारिणी में मौलाना आमिल को सरपरस्त, मौलाना सैफुद्दीन को सदर, कारी हसीब को नायाब सदर, मुफ्ती अनस, मुफ्ती रईस, मौलाना इदरीस व मौलाना रिजवान को नायाब सेक्रेट्री, मौलाना एजाज और मौलाना जुबैर को खजांची, कारी अंसार और मौलाना फुरकान को एडिटर चुना गया। इस मौके पर मुफ्ती अबू बकर, मुफ्ती इजलास, मौलाना सलमान, आबिद, अजीम, कामिल, शमीम, नूर अहमद, याकूब अहमद मौजूद रहे। मुफ्ती साबिर कासमी ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
मौलाना शाकिर कासमी ने कहा कि वक्त नाजुक है सभी को अक्ल और सब्र से काम लेना चाहिए। कामयाबी के लिए नबी के बताए रास्ते को अख्तियार करें। मौलाना मंसूर ने कहा की बेहतरीन अखलाक ही मोमिन की पहचान है। सभी के साथ अच्छा बर्ताव करना चाहिए। मौलाना शम्स कमर ने कहा कि हम लोगों को इस तरह से कुर्बानी करना चाहिए की किसी भी मजहब के लोगों को परेशानी नही हो। परेशानी होने पर कुर्बानी का मकसद खत्म हो जाएगा। मौलाना उवैद ने कहा कि जमीयतुल उलमाए हिंद के लोगों ने आजादी की जंग में हिस्सा लेकर अपनी जानों को देश की आजादी के लिए कुर्बान किया है। जयमीयतुल उलमा-ए-हिंद की कार्यकारिणी में मौलाना आमिल को सरपरस्त, मौलाना सैफुद्दीन को सदर, कारी हसीब को नायाब सदर, मुफ्ती अनस, मुफ्ती रईस, मौलाना इदरीस व मौलाना रिजवान को नायाब सेक्रेट्री, मौलाना एजाज और मौलाना जुबैर को खजांची, कारी अंसार और मौलाना फुरकान को एडिटर चुना गया। इस मौके पर मुफ्ती अबू बकर, मुफ्ती इजलास, मौलाना सलमान, आबिद, अजीम, कामिल, शमीम, नूर अहमद, याकूब अहमद मौजूद रहे। मुफ्ती साबिर कासमी ने आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन