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Jhansi News: अधूरी रह गई घर पहुंचने की आस... स्टेशन पर टूटी बुजुर्ग की सांस, अपनों ने छोड़ा साथ

Mon, 17 Jun 2024 04:34 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Mon, 17 Jun 2024 04:34 AM IST
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The hope of reaching home remained unfulfilled... The old man died at the station, his loved ones left him.
- छत्तीसगढ़ से 25 साल बाद गांव लालनपुरा लौट रहा था वृद्ध राकेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पूरी जिंदगी काम और अपनों की हसरतों को पूरा करने में गुजर गई। जीवन के आखिरी दिन अपनों के बीच बिताने की चाहत लिए एक वृद्ध 25 साल बाद छत्तीसगढ़ से अपने गांव झांसी के लालनपुरा के लिए निकला। लेकिन झांसी रेलवे स्टेशन पर ही वृद्ध की सांस टूट गई। प्लेटफार्म पर शव मिलने के बाद जब जीआरपी ने परिजनों को फोन किया तो उन्होंने भी साथ छोड़ दिया। परिजनों ने वृद्ध से सारे-रिश्ते नाते तोड़कर शव लेने से इन्कार कर दिया।

रविवार दोपहर 3:30 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 पर एक बुजुर्ग दिल्ली एंड पर अचेत पड़ा है। सूचना मिलते ही डिप्टी एसएस वाणिज्य एसके नरवरिया, रेलवे के चिकित्सक, जीआरपी उप निरीक्षक शिव स्वरूप और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। डॉक्टर ने बुजुर्ग का परीक्षण किया तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है। इसके बाद जेब से मिले जनरल टिकट और आधार कार्ड से जानकारी मिली कि वह मोंठ थाना क्षेत्र के लालनपुरा का 63 वर्षीय राकेश श्रीवास्तव पुत्र प्रेम नारायण है। टिकट देखकर पता चला कि वृद्ध छत्तीसगढ़ के चांपा से झांसी के लिए यात्रा कर रहा था। जीआरपी ने वृद्ध के परिजनों को सूचना देते हुए शव ले जाने को कहा। लेकिन परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। परिजनों ने कहा कि हम दूर के रिश्तेदार हैं और मृतक राकेश श्रीवास्तव की शादी नहीं हुई थी। ऐसे में हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। इसके बाद परिजनों ने मोबाइल फोन बंद कर दिया। उसके बचपन के दोस्त और मोंठ के ही मुरारी ने बताया राकेश 25 साल पहले छत्तीसगढ़ के चांपा में जाकर बस गया था। जीआरपी ने अब मृतक का शव मेडिकल कॉलेज को सौंपा है। उप निरीक्षक शिव स्वरूप ने बताया कि मृतक के परिजनों से शव ले जाने की अपील कर चुके हैं, लेकिन वह बात करने को तैयार नहीं हैं।
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सात महीने पहले हुई ही बात
राकेश के बचपन के दोस्त मुरारी ने बताया कि राकेश की उससे सात माह पहले फोन पर बात हुई थी। उसने बताया था कि वह जीवन के बचे हुए दिन अब घर पर और अपनों के बीच बिताना चाहता है।
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