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Jhansi News: वन विभाग ने खूब लगाई जुगाड़, पकड़ में नहीं आ रहा सियार

Wed, 18 Sep 2024 06:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Sep 2024 06:30 AM IST
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The forest department tried a lot of tricks, but the jackal could not be caught.
संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। गुरसराय वन रेंज में सियार के हमले से सप्ताह भर के भीतर तीन लोग घायल हो चुके हैं। सियार के खौफ से ग्रामीण चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं। रात रात भर जागकर घरों की निगरानी कर रहे हैं। सियार को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने कई बार पिंजरा लगाया लेकिन सियार को कैद करने में नाकामयाबी हाथ लगी। वहीं, विभागीय अफसर कुत्ते का हमला बता रहे हैं। विभागीय गणना के मुताबिक, 2022 में जिले में सियारों की संख्या 1306 दर्ज की गई हैं।
गुरसराय वन रेंज में सियार के आतंक से ग्रामीण खौफजदा हैं। सियार के हमले से सप्ताह भर में ही तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दस सितंबर को सियार ने टहरौली के ग्राम रनयारा में हरदयाल पर हमला कर घायल कर दिया था। 15 सितंबर को गुरसराय क्षेत्र के खंदिया में खेतों में जा रहे 50 वर्षीय वीरन आर्य पर हमला करते हुए नाक, मुंह और हाथ को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। वहीं, 17 सितंबर को खेतों की निगरानी के लिए जा रही 55 वर्षीय रामवती पर हमला कर घायल कर दिया था। हमले की सूचना पर वन विभाग की टीम ने पूरे इलाके को कई बार खंगाला लेकिन सियार पकड़ में नहीं आ सका। हालांकि वन विभाग की टीम ने पग चिह्नों की जांच के आधार पर सियार होने की पुष्टि नहीं की है।
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वर्जन
ग्रामीणों पर हमले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पद चिह्नों की जांच की गई लेकिन सियार होने की पुष्टि नहीं हो सकी है। कुत्ते के हमले करने के कई सबूत मिले हैं। - अवधेश सिंह बुंदेला, क्षेत्रीय वन अधिकारी
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जंगलों के सिमटने से हमलावर हुए जंगली जीव जंतु
वन्य जीव प्रेमियों के मुताबिक, जंगली जीव जंतु घने जंगलों में रहना पसंद करते हैं। लेकिन जंगलों के सिमटते दायरे की वजह से जंगली जीव जंतुओं के रहने और विचरण करने स्थान सीमित रह गए हैं। इसके चलते, जीव-जंतु बस्तियों की ओर आ रहे हैं। कई दिन तक जंगलों की ओर न लौट पाने की वजह से उनको जंगलों का वातावरण नहीं मिल पाता है। इससे वह उग्र होकर इंसानों पर ही हमला कर रहे हैं।
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