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Jhansi News: निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा को सीबीआई ने बनाया गवाह
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सीजीएसटी घूसकांड मामले में सीबीआई ने सीजीएसटी निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा को अपना गवाह बना लिया है। इससे सीजीएसटी अफसरों की परेशानी बढ़ने की संभावना है। सीबीआई ने इलाहाबाद कोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने यह जानकारी दी है। पिछले दिनों अधीक्षक अनिल तिवारी की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका में कहा गया कि निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा ने ही 16 दिसंबर 2025 को आधिकारिक ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से आरोपी फर्मों के खिलाफ आसामान्य ई-वे बिल टर्नओवर और कर घोषणा में विसंगतियां के आधार पर तलाशी प्रस्ताव आरंभ किया था। प्रस्ताव की जांच सह अभियुक्त अजय शर्मा ने की। इसके बाद प्रभा भांडरी ने इसे अग्रेषित किया। अधीक्षक अनिल तिवारी की ओर से कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में प्रशांत विश्वकर्मा की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा गया कि प्रशांत ने अपनी कार से चार-पांच बोरियों में दस्तावेज लेकर घर पहुंचाया था वहीं, सीबीआई की ओर से इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया गया कि प्रशांत विश्वकर्मा उस दौरान सिर्फ निर्देशों के आधार पर कार्य कर रहे थे। इस वजह से उसे सीबीआई ने अभियुक्त नहीं बनाया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस वजह से प्रशांत को इस पूरे मामले में गवाह बनाया है। बता दें, 30 जनवरी 2025 को सीबीआई ने जीएसटी चोरी में पकड़ी गई फर्म को राहत देने के नाम पर 70 लाख रुपये की घूस लेते हुए सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अजय शर्मा एवं अनिल तिवारी को गिरफ्तार किया था।
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झांसी। सीजीएसटी घूसकांड मामले में सीबीआई ने सीजीएसटी निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा को अपना गवाह बना लिया है। इससे सीजीएसटी अफसरों की परेशानी बढ़ने की संभावना है। सीबीआई ने इलाहाबाद कोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने यह जानकारी दी है। पिछले दिनों अधीक्षक अनिल तिवारी की ओर से प्रस्तुत जमानत याचिका में कहा गया कि निरीक्षक प्रशांत विश्वकर्मा ने ही 16 दिसंबर 2025 को आधिकारिक ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से आरोपी फर्मों के खिलाफ आसामान्य ई-वे बिल टर्नओवर और कर घोषणा में विसंगतियां के आधार पर तलाशी प्रस्ताव आरंभ किया था। प्रस्ताव की जांच सह अभियुक्त अजय शर्मा ने की। इसके बाद प्रभा भांडरी ने इसे अग्रेषित किया। अधीक्षक अनिल तिवारी की ओर से कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र में प्रशांत विश्वकर्मा की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा गया कि प्रशांत ने अपनी कार से चार-पांच बोरियों में दस्तावेज लेकर घर पहुंचाया था वहीं, सीबीआई की ओर से इसका विरोध करते हुए कोर्ट को बताया गया कि प्रशांत विश्वकर्मा उस दौरान सिर्फ निर्देशों के आधार पर कार्य कर रहे थे। इस वजह से उसे सीबीआई ने अभियुक्त नहीं बनाया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस वजह से प्रशांत को इस पूरे मामले में गवाह बनाया है। बता दें, 30 जनवरी 2025 को सीबीआई ने जीएसटी चोरी में पकड़ी गई फर्म को राहत देने के नाम पर 70 लाख रुपये की घूस लेते हुए सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, अधीक्षक अजय शर्मा एवं अनिल तिवारी को गिरफ्तार किया था।