झांसी। छह महीने पहले ग्वालियर रोड पर प्राइम लोकेशन में 100 एकड़ जमीन का सौदा 200 करोड़ रुपये में हुआ था। यह जमीन दिल्ली की एक कंपनी से झांसी के दो बिल्डरों ने खरीदी थी। माना जा रहा है कि इस बड़े सौदे के बाद से ही आयकर विभाग ने झांसी के बिल्डरों को अपने रडार पर ले लिया था। लंबी गोपनीय जांच के बाद ही छापे की कार्रवाई की गई।
दिल्ली की एक रियल एस्टेट कंपनी ने आठ साल पहले ग्वालियर रोड से सटी 100 एकड़ जमीन किसानों से खरीदी थी। कंपनी की यहां एक बड़ी टाउनशिप विकसित करने की योजना थी। उस समय कंपनी के झांसी में कई प्रोजेक्ट चल रहे थे, लेकिन बाद में कंपनी ने अपनी योजना बदल दी थी। इसके बाद से ही यह जमीन पड़ी हुई थी, जिसे तीन साल पहले कंपनी ने बिकाऊ कर दिया था। इसके बाद से ही झांसी के कई रियल एस्टेट कारोबारी कंपनी के संपर्क में बने हुए थे। सौदे की रकम को लेकर बातचीत चल रही थी। हालांकि, दो साल पहले डील फाइनल भी हो गई थी, लेकिन कोरोना काल की वजह से मामला लटक गया था। हाल ही में छह महीने पहले यह जमीन 200 करोड़ रुपये में खरीदी गई। सूत्रों के मुताबिक खरीदारों के दो चेहरे सामने आए हैं, लेकिन इसके पीछे कई सारे लोगों का पैसा लगा हुआ है। जमीन प्राइम लोकेशन में होने की वजह से सभी को शानदार रिटर्न मिलने की उम्मीद लगी हुई है। बताया जा रहा है कि इस सौदे के बाद से ही झांसी के बिल्डर और कारोबारी आयकर विभाग के रडार पर आ गए थे।