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Jhansi News: पंक्चर होने से डिवाइडर में टकराई बाइक, दो दोस्तों की मौत
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फाइल फोटो
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सकरार थाने के घुराट गांव के पास बृहस्पतिवार शाम पिछला टायर पंक्चर होने से बाइक असंतुलित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक रिश्तेदारी से लौट रहे थे।
मऊरानीपुर के कदौरा गांव निवासी मोनू रायकवार (23) पुत्र राजेंद्र बंगरा डिग्री कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। पिता राजेंद्र पीआरडीकर्मी हैं। उनकी तैनाती मऊरानीपुर थाने में है। परिजनों ने बताया कि माेनू बृहस्पतिवार को अपने दोस्त हरेंद्र रायकवार (18) पुत्र भूरे रायकवार के साथ अपनी बुआ के घर जावन गांव गया था। शाम करीब छह बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही वह लोग घुराट गांव के पास पहुंचे, अचानक बाइक का पिछला टायर पंक्चर हो गया। बाइक असंतुलित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। दोनों के सिर एवं हाथ-पैर में गहरी चोट आ गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दोनों को बंगरा सीएचसी पहुंचाया। यहां हरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। मोनू की हालत नाजुक होने से उसे झांसी रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में भी हालत में सुधार न होने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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इनसेट
जाम में दो घंटे फंसी रही एंबुलेंस
मोनू के परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों के रेफर किए जाने पर शुक्रवार रात एंबुलेंस से वह लोग मोनू को लेकर ग्वालियर के लिए निकले लेकिन मेडिकल बाइपास रोड पर भीषण जाम लगा था। करीब दो घंटे तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही। लोग एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं दे रहे थे। कार एवं बाइक के दोनों तरफ फंसे होने से एंबुलेंस भी नहीं निकल सकी। दतिया के पास मोनू ने दम तोड़ दिया।
इनसेट
दो दोस्तों की मौत से नम हो आईं आंखें
मोनू और हरेंद्र की गहरी दोस्ती थी। हरेंद्र भी मोनू के साथ ही पढ़ता था। 15 अगस्त को दोनों एक साथ घूमने बुआ के घर गए थे। उनकी मौत से दो घरों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि मोनू के बड़े भाई सोनू की 6 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी। घर में सिर्फ मोनू बचा था। इकलौता होने से उसे बड़े लाड़-प्यार से पाला गया। दो साल पहले शादी भी कर दी गई। मोनू पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। उसकी मौत की खबर सुनते ही मां माया देवी बदहवास हो गई। वहीं, हरेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। हरेंद्र से बड़ी दो बहनों की शादी हो चुकी है। उसके पिता भूरे खेती किसानी करते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सकरार थाने के घुराट गांव के पास बृहस्पतिवार शाम पिछला टायर पंक्चर होने से बाइक असंतुलित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। हादसे में बाइक सवार दोनों युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक रिश्तेदारी से लौट रहे थे।
मऊरानीपुर के कदौरा गांव निवासी मोनू रायकवार (23) पुत्र राजेंद्र बंगरा डिग्री कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। पिता राजेंद्र पीआरडीकर्मी हैं। उनकी तैनाती मऊरानीपुर थाने में है। परिजनों ने बताया कि माेनू बृहस्पतिवार को अपने दोस्त हरेंद्र रायकवार (18) पुत्र भूरे रायकवार के साथ अपनी बुआ के घर जावन गांव गया था। शाम करीब छह बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही वह लोग घुराट गांव के पास पहुंचे, अचानक बाइक का पिछला टायर पंक्चर हो गया। बाइक असंतुलित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। दोनों के सिर एवं हाथ-पैर में गहरी चोट आ गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दोनों को बंगरा सीएचसी पहुंचाया। यहां हरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया। मोनू की हालत नाजुक होने से उसे झांसी रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में भी हालत में सुधार न होने पर उसे ग्वालियर रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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जाम में दो घंटे फंसी रही एंबुलेंस
मोनू के परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों के रेफर किए जाने पर शुक्रवार रात एंबुलेंस से वह लोग मोनू को लेकर ग्वालियर के लिए निकले लेकिन मेडिकल बाइपास रोड पर भीषण जाम लगा था। करीब दो घंटे तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही। लोग एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं दे रहे थे। कार एवं बाइक के दोनों तरफ फंसे होने से एंबुलेंस भी नहीं निकल सकी। दतिया के पास मोनू ने दम तोड़ दिया।
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दो दोस्तों की मौत से नम हो आईं आंखें
मोनू और हरेंद्र की गहरी दोस्ती थी। हरेंद्र भी मोनू के साथ ही पढ़ता था। 15 अगस्त को दोनों एक साथ घूमने बुआ के घर गए थे। उनकी मौत से दो घरों में कोहराम मच गया। परिजनों का कहना है कि मोनू के बड़े भाई सोनू की 6 साल की उम्र में ही मौत हो गई थी। घर में सिर्फ मोनू बचा था। इकलौता होने से उसे बड़े लाड़-प्यार से पाला गया। दो साल पहले शादी भी कर दी गई। मोनू पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। उसकी मौत की खबर सुनते ही मां माया देवी बदहवास हो गई। वहीं, हरेंद्र दो भाइयों में बड़ा था। हरेंद्र से बड़ी दो बहनों की शादी हो चुकी है। उसके पिता भूरे खेती किसानी करते हैं।