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वतन के काम न आए जो... वो जवानी हो नहीं सकती...

Tue, 17 Aug 2021 12:48 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 12:48 AM IST
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That which does not work for the country... that cannot be youth...
दीनदयाल सभागार में स्वतंत्रता दिवस एवं अमृत महोत्सव पर हुए देश भक्ति कार्यकर्य प्रस्तुत करते कॉ
झांसी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रविवार की शाम अमर उजाला की ओर से ‘बुंदेलखंड काव्य सम्मेलन’ का आयोजन किया गया, जिसमें जाने-माने कवियों ने एक से बढ़कर एक कविताओं का पाठ किया। वीर रस की रचनाओं ने जहां श्रोताओं का रोम-रोम खड़ा कर दिया, तो वहीं हास्य रस की रचनाओं ने खूब गुदगुदाया। कवि देर रात तक समां बांधे रहे।
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पं. दीनदयाल सभागार में आयोजित काव्य सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ सदर विधायक रवि शर्मा, डीएम आंद्रा वामसी समेत समाजसेवी रमेश अग्रवाल, कारोबारी वीरेंद्र राय व समाजसेवी यशपाल सिंह यादव ने किया। शुरुआत में रेव्योल्यूशन डांस एकेडमी के कलाकारों ने देशभक्ति पर आधारित नृत्य की शानदार प्रस्तुति की। तदुपरांत, सम्मेलन में हरपालपुर से आए कवि डा. अवध किशोर जड़िया ने कहा.. ‘हम कवि बुंदेली वानी के, झांसी की रानी के, पद्माकर के कीर्ति केतु हम, होरी हुरियानी के...’ सुनाकर जमकर वाहवाही लूटी। अनिल तेजस्वी ने नौजवानों को समर्पित काव्य ‘वतन के काम न आए, निकल जाए जो सोने में, वो कुछ भी हो, परंतु जवानी हो नहीं सकती...’ का पाठ किया।
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अर्जुन सिंह चांद ने ‘मंजिल तलाशते रहे जाने किधर गई, राहों में था गुबार, जहां तक नजर गई...’ सुनाया, जबकि आजाद अंजान राजगढ़ ने एकता का संदेश देते हुए अपनी रचना ‘भुलाकर दुश्मनी मिलकर गले एक जान बन जाओ, मुसलमां हो न हिंदू, चलो इंसान बन जाओ...’ पेश की। देवेंद्र नटखट ने ‘अरे ओ खानदानी कपूत, जीवन के नाम पर बची हुई भभूत, आइने में अपना मुंह देख, आज भी काला है... ’ तथा नेहा बहल चाहत ने ‘प्रण ले लो कि अब तो धरा पर हम सब स्वर्ग ले आएंगे, नई सदी का हम सब मिलकर भारत नया बनाएंगे...’ सुनाकर खूब तालियां लूटीं। सत्यप्रकाश ताम्रकार ‘सत्य’ ने ‘जन्मभूमि, कर्मभूमि अमर शहीदों की ये, भूरि-भूरि भव्य भारत भूमि को प्रणाम है...’, व्यंगकार हरनाथ सिंह चौहान बामौर ने ‘शहीदों के घरों में आजकल फांके हैं, मलाई खा रहे छककर मिनिस्टर साहब के चेले...’ तथा अजय साहू ने ‘दुलैया ऐसी है शरमाए कि नैना गड़े धरा में जाएं, धना को ऐसा नोनो रूप कि बालम देखत ही जाए’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। इसके अलावा भी कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं की प्रस्तुति की।
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इस मौके पर आयोजन के सहयोगी एसआरआई दतिया के मैनेजिंग ट्रस्टी शांतनु अग्रवाल, गोविंद मसाले से संजीव साहू, आसरा कंस्ट्रक्शन से अंकित राय, डा. सुनील आनंद, डा. अनु निगम, डा. रघुवीर सिंह चौधरी, डा. आरआर सिंह, महेश कश्यप, सलमान पारीछा, अवध फूड से विकास पटेल, एलीफेंटा वांच से विशेष अग्रवाल, पार्षद उमाशंकर राय, अनिरुद्ध यादव, जयपाल अहिरवार समेत प्रतीक्षा मेकअप स्टूडियो, अल्पाइन स्कूल, कमला इफ्राबिल्ट के प्रतिनिधि मौजूद रहे। काव्य सम्मेलन का संचालन कवि अर्जुन सिंह ‘चांद’ ने किया।
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