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Jhansi News: तनाव और बेतरतीब दिनचर्या बना रही ह्रदय रोगी

Sun, 10 Aug 2025 10:41 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Aug 2025 10:41 PM IST
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tension and unsettle life make heart problem

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- मेडिकल कॉलेज में हर माह 150 से ज्यादा रोगियों की एंजियोग्राफी और 90 से ज्यादा की हो रही रंजियोप्लास्टी

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
अब उम्रदराज ही नहीं युवा भी ह्रदय रोगी हो रहे हैं। मेडिकल कालेज में हर माह 150 से ज्यादा रोगियों की एंजियोग्राफी और 90 से ज्यादा की रंजियोप्लास्टी हो रही है जिनमे युवाओं की संख्या 10 फीसदी से ज्यादा होती है। वही, ओपीडी में 100 से ज्यादा रोगी उपचार के लिए आ रहे है।
डॉक्टरों का कहना है फास्ट व पैक्ड फूड का सेवन, नशे की लत के चलते युवा तनाव का मैनेजमेंट नहीं कर पाने ने हार्ट अटैक की चपेट में आ रहे हैं। ऊपर से सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की वजह से आउटडोर गतिविधियां कम होने से कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ना है।
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ह्रदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि आगे बढ़ने की होड़ में युवाओं में तनाव का स्तर काफी बढ़ गया है। तनाव को कम करने के प्रयास में नशे के आदी हो रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर सक्रियता की वजह से युवा आउटडोर गतिविधि में शिथिल हो रहे हैं। युवा दाल-सब्जी और फल खाने के बजाय फास्ट फूड व पैक्ड फूड का सेवन ज्यादा कर रहे हैं। जिसकी वजह से युवाओं के खून में कोलेस्ट्रोल की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच जाती है, जो हार्ट अटैक का कारण है। फास्ट फूड के सेवन और नशे की लत से कोलेस्ट्रोल की मात्रा ज्यादा बढ़ती है, इसलिए इससे बचना चाहिए।
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0- समय समय पर करानी चाहिए कोलेस्ट्रोल या ईसीसी की जांच

डॉक्टरों का कहना है कि न सिर्फ उम्रदराज बल्कि युवाओं को भी छह माह के अंतराल में ईसीजी अथवा लिपिड प्रोफाइल जांच करानी चाहिए। लिपिड प्रोफाइल जांच से रक्त में अच्छे और बुरे कॉलेस्ट्रोल के साथ-साथ ट्राईग्रासराइड का पता चल जाता है। ईकोकार्डियोग्राम (ईसीजी) से ह्रदय की गति के बारे में पता चलता है।



0- ये लक्षण हो तो जरूर दिखाएं डॉक्टर को

चलने में पसीना आना। सांस फूलना। सीने में दर्द होना। उल्टे हाथ तथा कंधे के पास दर्द होना। दर्द होने के दौरान उबकाई आना। कभी-कभी पेट में दर्द की भी शिकायत होती है।


0- ये करना चाहिए
नियमित सैर करने के साथ व्यायाम करना चाहिए। फाइबर युक्त भोजन करना चाहिए। मौसमी फलों का ज्यादा सेवन करें। बिना मौसम के फल का सेवन लाभकारी हो सकता है मगर उसे सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल कैमिकल नुकसानदायक होते हैं। नशा के दूरी बनाएं रखें। यदि कोई समस्या है तो तनाव करने के बजाय पूरा ध्यान उसके निदान पर लगाएं।




0- ये बोले डॉक्टर
नशे की लत, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, आउटडोर गतिविधि कम होने की वजह से ह्रदय रोगी हो रहे हैं। सांस फूलने, घबराहट होने से साथ पसीना आने, सीने में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। मेडिकल कॉलेज में हर माह 150 से ज्यादा रोगियों की एंजियोग्राफी और 90 से ज्यादा की रंजियोप्लास्टी हो रही है।
डॉ आलोक शर्मा ह्रदय रोग विशेषज्ञ मेडिकल कालेज
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