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बदला मौसम का मिजाज, सर्दी बढ़ी
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:44 AM IST
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jhansi temperature news
- फोटो : demo
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बुधवार को मौसम का मिजाज एकदम बदला हुआ नजर आया। सुबह से कोहरा छाया रहा और सूरज बादलों की ओट में छिपा रहा। इससे पारा लुढ़क गया और लोगों को अच्छी सर्दी का अहसास हुआ। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में सर्दी में और बढ़ोत्तरी की संभावना जताई जा रही है।
पिछले एक सप्ताह से तीखी धूप खिल रही थी, जिससे गर्मी बढ़ी हुई थी। दिन में गर्म कपड़े शरीर पर बोझ लगने लगे थे। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम का यह मिजाज लोगों की समझ से परे था। लेकिन, बुधवार को मौसम ने करवट बदली। सुबह से सूरज के दर्शन नहीं हुए और घना कोहरा छाया रहा। दोपहर में तकरीबन बारह बजे जरूर कुछ देर के लिए धूप खिली, लेकिन तल्खी नहीं रही। मौसम के इस रुख से शाम चार बजे बाद सर्दी में एकदम से बढ़ गई। रात में फिर कोहरा छा गया। लोगों को गलन वाली सर्दी का अहसास हुआ। इससे तापमान में भी कमी आई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बुधवार को यह घटकर 22 और 11 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में सर्दी में और बढ़ोत्तरी होगी। इस सप्ताह न्यूनतम तापमान गिरकर नौ डिग्री तक आने की संभावना है। मौसम का यह रुख कृषि की दृष्टि से एकदम अनुकूल है।
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सतर्क रहें हृदय और सांस के रोगी
सर्दी बढ़ने के साथ हृदय और सांस रोगियों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. जकी सिद्दीकी ने बताया कि सर्दी में थोड़ी सी भी लापरवाही हृदय और सांस रोगियों पर भारी पड़ सकती है। इन बीमारियों से जुड़े मरीज घर से बाहर खूब गरम कपड़े पहनकर निकलें। ठंडा खाने-पीने से बचें। हृदय रोगी मॉर्निंग वॉक पर न जाएं। इसके अलावा इस मौसम में वायरल इंफेक्शन की भी संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए गर्म-ठंडे से बचें। मौसमी फल सब्जियां खाएं। जुकाम-खांसी होने पर तत्काल दवा लें।
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पिछले एक सप्ताह से तीखी धूप खिल रही थी, जिससे गर्मी बढ़ी हुई थी। दिन में गर्म कपड़े शरीर पर बोझ लगने लगे थे। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम का यह मिजाज लोगों की समझ से परे था। लेकिन, बुधवार को मौसम ने करवट बदली। सुबह से सूरज के दर्शन नहीं हुए और घना कोहरा छाया रहा। दोपहर में तकरीबन बारह बजे जरूर कुछ देर के लिए धूप खिली, लेकिन तल्खी नहीं रही। मौसम के इस रुख से शाम चार बजे बाद सर्दी में एकदम से बढ़ गई। रात में फिर कोहरा छा गया। लोगों को गलन वाली सर्दी का अहसास हुआ। इससे तापमान में भी कमी आई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। बुधवार को यह घटकर 22 और 11 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
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कृषि मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि आने वाले दिनों में सर्दी में और बढ़ोत्तरी होगी। इस सप्ताह न्यूनतम तापमान गिरकर नौ डिग्री तक आने की संभावना है। मौसम का यह रुख कृषि की दृष्टि से एकदम अनुकूल है।
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सतर्क रहें हृदय और सांस के रोगी
सर्दी बढ़ने के साथ हृदय और सांस रोगियों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. जकी सिद्दीकी ने बताया कि सर्दी में थोड़ी सी भी लापरवाही हृदय और सांस रोगियों पर भारी पड़ सकती है। इन बीमारियों से जुड़े मरीज घर से बाहर खूब गरम कपड़े पहनकर निकलें। ठंडा खाने-पीने से बचें। हृदय रोगी मॉर्निंग वॉक पर न जाएं। इसके अलावा इस मौसम में वायरल इंफेक्शन की भी संभावना बढ़ जाती है। इसके लिए गर्म-ठंडे से बचें। मौसमी फल सब्जियां खाएं। जुकाम-खांसी होने पर तत्काल दवा लें।