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शिक्षकों को मिलेगी ऐच्छिक ब्लॉक में तैनाती
झांसी / ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:48 PM IST
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बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी ने बताया कि शिक्षकों को उनके ऐच्छिक ब्लॉक में तैनाती दी जाएगी, जिसके लिए अगले माह शिक्षकों से तीन स्कूलों का विकल्प मांगा जाएगा। तदुपरांत, कमेटी की सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों को तैनाती दे दी जाएगी।
रविवार को अमर उजाला से मोबाइल पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अक्सर शिक्षकों की तैनाती उनके ब्लॉक से अधिक दूर होने से वे तनाव में रहते हैं। उनकी ऊर्जा आवागमन में व्यय हो जाती है, इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल नहीं बन पा रहा है। इसी के मद्देनजर स्थानांतरण नीति में सरलीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। शिक्षकों से विकल्प लिया जाएगा कि वह किस ब्लॉक क्षेत्र में तैनाती चाहते हैं। उसी ब्लॉक के तीन स्कूलों का विकल्प उसे देना होगा। बीएसए व प्रशासन की अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष शिक्षक के आवेदन की सत्यता की जांच के उपरांत उसे मनचाहे ब्लॉक के सरकारी स्कूल में तैनाती दी जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने के बाद निश्चित ही शिक्षकों की कार्य प्रणाली में सुधार आएगा। पहले की अपेक्षा और अधिक मेहनत से नौनिहालों को पढ़ा सकेंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों से विकल्प अगस्त माह में लिए जाने की योजना तैयार की गई है। इस संबंध में जल्द ही शासन द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में शासनादेश जारी किया जाएगा। अभी अंतर्जनपदीय और जनपद स्तरीय स्थानांतरण पर रोक लगाई गई है। प्रदेश के समस्त बेसिक शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण या समायोजन न किया करें। स्थानांतरण पॉलिसी जारी होने के बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए। कहीं से भी शिकायत प्राप्त होती है कि स्थानांतरण पॉलिसी जारी हुए बिना शिक्षक का स्थानांतरण कर दिया गया है तो संबंधित जनपद के बीएसए पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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रविवार को अमर उजाला से मोबाइल पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अक्सर शिक्षकों की तैनाती उनके ब्लॉक से अधिक दूर होने से वे तनाव में रहते हैं। उनकी ऊर्जा आवागमन में व्यय हो जाती है, इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल नहीं बन पा रहा है। इसी के मद्देनजर स्थानांतरण नीति में सरलीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। शिक्षकों से विकल्प लिया जाएगा कि वह किस ब्लॉक क्षेत्र में तैनाती चाहते हैं। उसी ब्लॉक के तीन स्कूलों का विकल्प उसे देना होगा। बीएसए व प्रशासन की अध्यक्षता में गठित कमेटी के समक्ष शिक्षक के आवेदन की सत्यता की जांच के उपरांत उसे मनचाहे ब्लॉक के सरकारी स्कूल में तैनाती दी जाएगी। यह व्यवस्था लागू होने के बाद निश्चित ही शिक्षकों की कार्य प्रणाली में सुधार आएगा। पहले की अपेक्षा और अधिक मेहनत से नौनिहालों को पढ़ा सकेंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षकों से विकल्प अगस्त माह में लिए जाने की योजना तैयार की गई है। इस संबंध में जल्द ही शासन द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में शासनादेश जारी किया जाएगा। अभी अंतर्जनपदीय और जनपद स्तरीय स्थानांतरण पर रोक लगाई गई है। प्रदेश के समस्त बेसिक शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण या समायोजन न किया करें। स्थानांतरण पॉलिसी जारी होने के बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए। कहीं से भी शिकायत प्राप्त होती है कि स्थानांतरण पॉलिसी जारी हुए बिना शिक्षक का स्थानांतरण कर दिया गया है तो संबंधित जनपद के बीएसए पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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