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कोरोना की वजह से टीबी रोगियों का इलाज ठप
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झांसी। कोरोना की वजह से टीबी रोगियों का इलाज ठप चल रहा है। कोविड कंट्रोल रूम बना होने की वजह से जिला क्षय रोग कार्यालय में होने वाली ओपीडी पिछले आठ महीने से बंद चल रही है। जबकि, शासन की तरफ से निर्बाध उपचार के निर्देश जारी हो चुके हैं।
भारत में कोरोना वायरस की दस्तक के बाद मार्च में देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था। अनलॉक में कोरोना के मामले और बढ़ने लगे। इसके बाद सरकारी महकमे का पूरा ध्यान कोरोना के उपचार पर ही हो गया। चूंकि, जिला क्षय रोग कार्यालय में कोविड का कंट्रोल रूम बना दिया गया, ऐसे में यहां ओपीडी का संचालन बंद हो गया। पहले ओपीडी में औसतन 50 लोग दिखाने आते थे। लक्षण मिलने पर टीबी की जांच भी कराई जाती थी। इसमें 10 से 15 टीबी के रोगी मिल जाते थे। अब ओपीडी न चल पाने से टीबी की जांच पर असर पड़ा है। वहीं, टीबी की रोकथाम के लिए कार्यरत सुपरवाइजरों की ड्यूटी भी कोविड में लगा रखी है। इस मामले में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजकिशोर का कहना है कि हाल ही में उन्हें चार्ज मिला है। जल्द ही ओपीडी का संचालन शुरू कराया जाएगा।
ये आदेश जारी हो चुका
पांच मई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक की तरफ से आदेश जारी किया गया था कि वैश्विक महामारी कोविड के दौरान क्षय निरोधी सुविधाओं की निरंतरता बनी रहे। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को कोविड से मुक्त करते हुए व अन्य कार्यक्रमों के कर्मचारियों से कोविड-19 कार्य कराया जाए।
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भारत में कोरोना वायरस की दस्तक के बाद मार्च में देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था। अनलॉक में कोरोना के मामले और बढ़ने लगे। इसके बाद सरकारी महकमे का पूरा ध्यान कोरोना के उपचार पर ही हो गया। चूंकि, जिला क्षय रोग कार्यालय में कोविड का कंट्रोल रूम बना दिया गया, ऐसे में यहां ओपीडी का संचालन बंद हो गया। पहले ओपीडी में औसतन 50 लोग दिखाने आते थे। लक्षण मिलने पर टीबी की जांच भी कराई जाती थी। इसमें 10 से 15 टीबी के रोगी मिल जाते थे। अब ओपीडी न चल पाने से टीबी की जांच पर असर पड़ा है। वहीं, टीबी की रोकथाम के लिए कार्यरत सुपरवाइजरों की ड्यूटी भी कोविड में लगा रखी है। इस मामले में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजकिशोर का कहना है कि हाल ही में उन्हें चार्ज मिला है। जल्द ही ओपीडी का संचालन शुरू कराया जाएगा।
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ये आदेश जारी हो चुका
पांच मई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक की तरफ से आदेश जारी किया गया था कि वैश्विक महामारी कोविड के दौरान क्षय निरोधी सुविधाओं की निरंतरता बनी रहे। राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को कोविड से मुक्त करते हुए व अन्य कार्यक्रमों के कर्मचारियों से कोविड-19 कार्य कराया जाए।
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