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टैक्स तो एक, नहीं बदले नियम अनेक
amarujala
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:25 AM IST
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gst jhansi news
- फोटो : demo
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भले ही देश में एक टैक्स की व्यवस्था लागू हो गई हो, मगर नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कारोबारियों को पांच हजार या इससे अधिक का माल दूसरे राज्य से माल मंगाने पर अब ई-वे बिल 01 लगाना होगा। अभी तक कारोबारी को फार्म 38 (आयात घोषणापत्र) लगाना पड़ता था। प्रदेश में यह व्यवस्था 26 जुलाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने एक देश, एक टैक्स का नारा देकर गुड्स एंड सर्विस टैक्स तो लागू कर दिया। मगर, इससे कारोबारियों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। कारोबारियों को भरोसा था कि अब जीएसटी में दूसरे राज्य से माल मंगाने पर फार्म 38 (आयात घोषणापत्र), दूसरे राज्य में माल भेजने के लिए फार्म 21 (परिवहन मेमो) और प्रदेश से गुजरने के लिए सीमा में प्र्रवेश करने के लिए बहती नहीं बनवानी होगी। केंद्र सरकार ने भी जीएसटी लागू करने से पूर्व भी इन सभी फार्मों को खत्म करने की बात कही, लेकिन स्थितियां फिर से वैसी ही बनती जा रही है।
वाणिज्य कर विभाग फार्मों के नाम बदलकर 26 जुलाई से दोबारा वहीं पुरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। कमिश्नर वाणिज्य कर मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी जोनल एडिशनल कमिश्नर को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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‘अभी सिर्फ फार्मों को लागू करवाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। फार्मों का प्रयोग न करने पर क्या कार्रवाई होगी? अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है।’
डॉ. विमल कुमार, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर।
ये हैं नए नियम
---------------
- उत्तर प्रदेश के बाहर के किसी स्थान से प्रदेश के अंदर 5000 रुपये अथवा उससे अधिक मूल्य के माल को मंगाने पर ई-वे बिल 01 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश के अंदर या दूसरे प्रदेश में एक लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के मेंथा ऑयल, सुपारी, लोहा और इस्पात तथा सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी ई-वे बिल 02 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश के अंदर ई-कामर्स ऑपरेटरों अथवा उनके द्वारा अधिकृत कोरियर अभिकर्ताओं से माल मंगाने पर ई-वे बिल 03 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश की सीमा से 5000 रुपये या उससे अधिक मूल्य का माल निकालने पर टीडीएफ-01 फार्म जनरेट कराना होगा।
- यदि कोई व्यक्ति अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए निजी वाहन से व्यक्तिगत सामान के रूप में या किसी सार्वजनिक यात्री परिवहन वाहन के माध्यम से अपने पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ 50,000 रुपये से कम मूल्य का माल लाता है तो इसमें ई-वे बिल 01 की आवश्यकता नहीं है।
- फार्म ई-वे बिल 01, ई-वे बिल 02, ई-वे बिल 03 डाउनलोड करने से पूर्व विभागीय वेबसाइट एचटीटीपी:// सीओएमटीएएक्स.यूपी.एनआईसी.आईएन पर ऑलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
- ऐसे सभी कारोबारी जिनके द्वारा पूर्व से विभागीय ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है। वे अपने पुराने यूजर आईडी तथा पासवर्ड के माध्यम से ई-वे बिल डाउनलोड कर सकते है।
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भले ही देश में एक टैक्स की व्यवस्था लागू हो गई हो, मगर नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कारोबारियों को पांच हजार या इससे अधिक का माल दूसरे राज्य से माल मंगाने पर अब ई-वे बिल 01 लगाना होगा। अभी तक कारोबारी को फार्म 38 (आयात घोषणापत्र) लगाना पड़ता था। प्रदेश में यह व्यवस्था 26 जुलाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने एक देश, एक टैक्स का नारा देकर गुड्स एंड सर्विस टैक्स तो लागू कर दिया। मगर, इससे कारोबारियों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। कारोबारियों को भरोसा था कि अब जीएसटी में दूसरे राज्य से माल मंगाने पर फार्म 38 (आयात घोषणापत्र), दूसरे राज्य में माल भेजने के लिए फार्म 21 (परिवहन मेमो) और प्रदेश से गुजरने के लिए सीमा में प्र्रवेश करने के लिए बहती नहीं बनवानी होगी। केंद्र सरकार ने भी जीएसटी लागू करने से पूर्व भी इन सभी फार्मों को खत्म करने की बात कही, लेकिन स्थितियां फिर से वैसी ही बनती जा रही है।
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वाणिज्य कर विभाग फार्मों के नाम बदलकर 26 जुलाई से दोबारा वहीं पुरानी व्यवस्था लागू करने जा रहा है। कमिश्नर वाणिज्य कर मुकेश कुमार मेश्राम ने सभी जोनल एडिशनल कमिश्नर को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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‘अभी सिर्फ फार्मों को लागू करवाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। फार्मों का प्रयोग न करने पर क्या कार्रवाई होगी? अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है।’
डॉ. विमल कुमार, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य कर।
ये हैं नए नियम
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- उत्तर प्रदेश के बाहर के किसी स्थान से प्रदेश के अंदर 5000 रुपये अथवा उससे अधिक मूल्य के माल को मंगाने पर ई-वे बिल 01 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश के अंदर या दूसरे प्रदेश में एक लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के मेंथा ऑयल, सुपारी, लोहा और इस्पात तथा सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी ई-वे बिल 02 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश के अंदर ई-कामर्स ऑपरेटरों अथवा उनके द्वारा अधिकृत कोरियर अभिकर्ताओं से माल मंगाने पर ई-वे बिल 03 लगाना होगा।
- उत्तर प्रदेश की सीमा से 5000 रुपये या उससे अधिक मूल्य का माल निकालने पर टीडीएफ-01 फार्म जनरेट कराना होगा।
- यदि कोई व्यक्ति अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए निजी वाहन से व्यक्तिगत सामान के रूप में या किसी सार्वजनिक यात्री परिवहन वाहन के माध्यम से अपने पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ 50,000 रुपये से कम मूल्य का माल लाता है तो इसमें ई-वे बिल 01 की आवश्यकता नहीं है।
- फार्म ई-वे बिल 01, ई-वे बिल 02, ई-वे बिल 03 डाउनलोड करने से पूर्व विभागीय वेबसाइट एचटीटीपी:// सीओएमटीएएक्स.यूपी.एनआईसी.आईएन पर ऑलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
- ऐसे सभी कारोबारी जिनके द्वारा पूर्व से विभागीय ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है। वे अपने पुराने यूजर आईडी तथा पासवर्ड के माध्यम से ई-वे बिल डाउनलोड कर सकते है।