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बदली रणनीति के तहत नागरिकों को निशाना बना रहा तालिबान
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झांसी। महात्मा हंसराज मॉडर्न स्कूल में मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन) के 10वें संस्करण का जोश और हर्षोल्लास के साथ शुभारंभ हुआ। संयुक्त राष्ट्र महासभा में बतौर प्रतिनिधि के तौर पर छात्रों ने तालिबान के मुद्दे पर चर्चा की। कहा कि तालिबान ने अपनी रणनीति भी बदल दी है। अब शहरों में बड़े हमले के बजाय वह सामान्य नागरिकों को निशाना बना रहा है।
आतंकवाद पर चर्चा के दौरान सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मिस्त्र, अमेरिका, चाइना ने मुद्दे उठाए और कहा कि ओसामा बिन लादेन के मरने के बाद भी आतंकवाद पर लगाम नहीं लग पाई है, बल्कि और ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। अच्छी शिक्षा और गरीबी पर लगाम लगाकर आतंकवाद को कमजोर करने की बात हुई। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ समिति में लगभग 39 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें शरणार्थियों को मिलने वाले स्वास्थ्य देखभाल ढांचे पर चर्चा हुई। महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग समिति के एजेंडे महिलाओं की शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर विचार विमर्श हुआ। भारतीय युद्ध मंत्रिमंडल समिति ने 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध, अखिल भारतीय रानीतिक दलों की बैठक में नई आईटी नियमों पर जोर देने के साथ भारत में निजता के अधिकार पर चर्चा की गई। लोकसभा में कृषि क्षेत्र पर कृषि कानूनों के प्रभाव का विश्लेषण किया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रेस समिति ने नए आईटी नियमों पर जोर देने के साथ भारत में निजता के अधिकार पर चर्चा की। एमयूएन की संस्थापक अनु मिश्रा ने कहा कि परिवर्तन बनो, परिवर्तन को महसूस करें और तभी तुम बदलाव देख सकोगे। एमयूएन प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र प्रमाणित होने का एक कठिन कौशल देने के अलावा यह प्रतिभागियों में कई कौशल भी विकसित करेगा। प्रधानाचार्य एस रिजवी ने एमयूएन के महत्व को समझाया। बताया गया कि दो दिवसीय सम्मेलन में कई स्कूलों के 350 से ज्यादा विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। हर प्रतिनिधि एजेंडे पर बहस करने के लिए अपने देश के राष्ट्रीय हितों का प्रतिनिधित्व करेगा। इसका उद्देश्य औपचारिक प्रक्रिया के जरिए समस्या को समाधान तक पहुंचाना है। इस दौरान स्कूल प्रबंधक गौरव मिश्रा मौजूद रहे।
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आतंकवाद पर चर्चा के दौरान सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मिस्त्र, अमेरिका, चाइना ने मुद्दे उठाए और कहा कि ओसामा बिन लादेन के मरने के बाद भी आतंकवाद पर लगाम नहीं लग पाई है, बल्कि और ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। अच्छी शिक्षा और गरीबी पर लगाम लगाकर आतंकवाद को कमजोर करने की बात हुई। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ समिति में लगभग 39 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें शरणार्थियों को मिलने वाले स्वास्थ्य देखभाल ढांचे पर चर्चा हुई। महिलाओं की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र आयोग समिति के एजेंडे महिलाओं की शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव पर विचार विमर्श हुआ। भारतीय युद्ध मंत्रिमंडल समिति ने 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध, अखिल भारतीय रानीतिक दलों की बैठक में नई आईटी नियमों पर जोर देने के साथ भारत में निजता के अधिकार पर चर्चा की गई। लोकसभा में कृषि क्षेत्र पर कृषि कानूनों के प्रभाव का विश्लेषण किया गया। अंतरराष्ट्रीय प्रेस समिति ने नए आईटी नियमों पर जोर देने के साथ भारत में निजता के अधिकार पर चर्चा की। एमयूएन की संस्थापक अनु मिश्रा ने कहा कि परिवर्तन बनो, परिवर्तन को महसूस करें और तभी तुम बदलाव देख सकोगे। एमयूएन प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र प्रमाणित होने का एक कठिन कौशल देने के अलावा यह प्रतिभागियों में कई कौशल भी विकसित करेगा। प्रधानाचार्य एस रिजवी ने एमयूएन के महत्व को समझाया। बताया गया कि दो दिवसीय सम्मेलन में कई स्कूलों के 350 से ज्यादा विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। हर प्रतिनिधि एजेंडे पर बहस करने के लिए अपने देश के राष्ट्रीय हितों का प्रतिनिधित्व करेगा। इसका उद्देश्य औपचारिक प्रक्रिया के जरिए समस्या को समाधान तक पहुंचाना है। इस दौरान स्कूल प्रबंधक गौरव मिश्रा मौजूद रहे।
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