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गर्मियों में डेढ़ लाख लोगों तक कैसे पहुंचेगा पानी, 66 में से 25 टैंकर खराब
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झांसी। गर्मियों में महानगर की डेढ़ लाख से अधिक आबादी को टैंकरों से पानी मुहैया कराया जाता है। वर्तमान में जलसंस्थान के पास 66 पानी के टैंकर हैं, जिनमें 25 खराब चल रहे हैं। टैंकरों की मरम्मत के लिए जल संस्थान के पास पैसा भी नहीं है, ऐसे में गर्मियों में लोगों के सामने पानी के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। हालांकि, जलसंस्थान ने मरम्मत कार्यों के लिए नौ करोड़ रुपये शासन से मांगे हैं।
महानगर में 45 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइपलाइन नहीं होने के कारण हर साल गर्मियों में भीषण जल संकट खड़ा हो जाता है। गर्मियों में इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। वर्तमान में जल संस्थान के पास 66 टैंकर हैं। इनमें 30 टैंकर पिछले साल ही नगर निगम ने खरीद कर जल संस्थान को दिए थे। वहीं, पुराने 36 में से 25 टैंकर रखरखाव नहीं होने के कारण खराब हैं। किसी के टायर जवाब दे चुके हैं तो कोई लीक कर रहा है। किसी में ढक्कन नहीं है तो किसी की कमानी टूटी है। कोई पंक्चर खड़ा है तो किसी की वेल्डिंग टूट गई है। 2005 में खरीदे गए सालों पुराने यह टैंकर काफी मरम्मत मांग रहे हैं। यही कारण है कि टैंकरों को दतिया गेट फिल्टर प्लांट में अंदर की तरफ रख दिया गया है। जलसंस्थान ने शासन से टैंकर व हैंडपंप मरम्मत, खराब मोटर पंप सुधरवाने आदि के लिए नौ करोड़ रुपये मांगे हैं। अगर, वक्त पर काम हो जाता है तो परेशानी नहीं होगी। अन्यथा लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
- गर्मियों में 50 से 55 टैंकरों की आवश्यकता पड़ती है। हां यह बात सही है कि 36 में से 25 टैंकर मरम्मत मांग रहे हैं। मरम्मत कार्यों के लिए शासन से बजट मांगा गया है। नगर निगम से जो नए टैंकर मिले हैं, उनसे जरूरत को पूरा करने का प्रयास होगा। कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
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इन क्षेत्रों में भेजे जाते हैं टैंकर
दतिया गेट फिल्टर से अंदर व बाहर दतिया गेट, थापक बाग, मेवातीपुरा, अंदर व बाहर उनाव गेट, पंचवटी, मुकरयाना, सराय, नरसिंह राव टौरिया, इतवारी गंज, लक्ष्मण गंज, नझाई बाजार, झारखड़िया, लक्ष्मणगंज, गंधीगर का टपरा, सांई का तकिया, पुरानी नझाई, गोला कुआं, नई बस्ती, अलीगोल, राई का ताजिया व आसपास के क्षेत्र, तालपुरा टंकी से शिवाजी नगर, करगुवां और आसपास के क्षेत्र और सीपरी बाजार की मसीहागंज टंकी से संबंधित जलसंकट ग्रस्त क्षेत्रों में पानी भेजा जाता है।
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महानगर में 45 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइपलाइन नहीं होने के कारण हर साल गर्मियों में भीषण जल संकट खड़ा हो जाता है। गर्मियों में इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। वर्तमान में जल संस्थान के पास 66 टैंकर हैं। इनमें 30 टैंकर पिछले साल ही नगर निगम ने खरीद कर जल संस्थान को दिए थे। वहीं, पुराने 36 में से 25 टैंकर रखरखाव नहीं होने के कारण खराब हैं। किसी के टायर जवाब दे चुके हैं तो कोई लीक कर रहा है। किसी में ढक्कन नहीं है तो किसी की कमानी टूटी है। कोई पंक्चर खड़ा है तो किसी की वेल्डिंग टूट गई है। 2005 में खरीदे गए सालों पुराने यह टैंकर काफी मरम्मत मांग रहे हैं। यही कारण है कि टैंकरों को दतिया गेट फिल्टर प्लांट में अंदर की तरफ रख दिया गया है। जलसंस्थान ने शासन से टैंकर व हैंडपंप मरम्मत, खराब मोटर पंप सुधरवाने आदि के लिए नौ करोड़ रुपये मांगे हैं। अगर, वक्त पर काम हो जाता है तो परेशानी नहीं होगी। अन्यथा लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है।
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- गर्मियों में 50 से 55 टैंकरों की आवश्यकता पड़ती है। हां यह बात सही है कि 36 में से 25 टैंकर मरम्मत मांग रहे हैं। मरम्मत कार्यों के लिए शासन से बजट मांगा गया है। नगर निगम से जो नए टैंकर मिले हैं, उनसे जरूरत को पूरा करने का प्रयास होगा। कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
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इन क्षेत्रों में भेजे जाते हैं टैंकर
दतिया गेट फिल्टर से अंदर व बाहर दतिया गेट, थापक बाग, मेवातीपुरा, अंदर व बाहर उनाव गेट, पंचवटी, मुकरयाना, सराय, नरसिंह राव टौरिया, इतवारी गंज, लक्ष्मण गंज, नझाई बाजार, झारखड़िया, लक्ष्मणगंज, गंधीगर का टपरा, सांई का तकिया, पुरानी नझाई, गोला कुआं, नई बस्ती, अलीगोल, राई का ताजिया व आसपास के क्षेत्र, तालपुरा टंकी से शिवाजी नगर, करगुवां और आसपास के क्षेत्र और सीपरी बाजार की मसीहागंज टंकी से संबंधित जलसंकट ग्रस्त क्षेत्रों में पानी भेजा जाता है।