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लाखों के जेवरात भरा सूटकेस चोरी
ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2015 02:14 AM IST
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झांसी। रेलवे प्लेटफार्म पर सो रहे यात्रियों को हटाते समय एक दंपति का सूटकेस जीआरपी जवानों के सामने चोरी हो गया। दंपति ने जीआरपी को घटना के बारे में बताया तो वह उल्टा उन पर दोषारोपण करने लगे। सूटकेस में हजारों रुपये के जेवरात व नकदी रखी हुई थी। दंपति ने एसपी रेलवे से गुहार लगाई, तब जाकर मुकदमा दर्ज हो सका।
बांदा के बबेरू थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम कैमासन निवासी श्याम बाबू प्रजापति महाराष्ट्र के बल्लारशाह में ड्राइवर है। 28 सितंबर की रात वह पत्नी संगीता के साथ यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से बांदा से झांसी आया। दंपति को सुबह जाने वाली 12722 अप सदर्न एक्सप्रेस से बल्लारशाह जाना था। उनका सदर्न एक्सप्रेस के एस-4 कोच की बर्थ संख्या पांच व छह पर आरक्षण था। चूंकि, ट्रेन आने में काफी समय था, इस कारण दोनों प्लेटफार्म एक पर सीढ़ियों के निकट चादर बिछाकर सो गए। सुबह करीब सवा चार बजे जीआरपी के एक उपनिरीक्षक चार जवानों के साथ चेकिंग के नाम पर प्लेटफार्म पर सो रहे यात्रियों को हटा रहे थे।
जवानों ने दंपति को भी जगाकर पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच दंपति का सूटकेस चोरी हो गया। सूटकेस चोरी होने का पता लगने पर दंपति ने रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया। सूटकेस में करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात, नकदी, कपड़े आदि सामान रखा हुआ था। दंपति ने जब जीआरपी को सूटकेस चोरी होने की बात बताई तो वह उन पर उल्टा दोषारोपण करने लगे। जीआरपी उपनिरीक्षक ने कहा कि उनका सूटकेस झांसी में नहीं बांदा में चोरी हुआ होगा। दंपति की अपील पर भी जीआरपी ने मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। दंपति ने एक यात्री की मदद से एसपी रेलवे को प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
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बांदा के बबेरू थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम कैमासन निवासी श्याम बाबू प्रजापति महाराष्ट्र के बल्लारशाह में ड्राइवर है। 28 सितंबर की रात वह पत्नी संगीता के साथ यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से बांदा से झांसी आया। दंपति को सुबह जाने वाली 12722 अप सदर्न एक्सप्रेस से बल्लारशाह जाना था। उनका सदर्न एक्सप्रेस के एस-4 कोच की बर्थ संख्या पांच व छह पर आरक्षण था। चूंकि, ट्रेन आने में काफी समय था, इस कारण दोनों प्लेटफार्म एक पर सीढ़ियों के निकट चादर बिछाकर सो गए। सुबह करीब सवा चार बजे जीआरपी के एक उपनिरीक्षक चार जवानों के साथ चेकिंग के नाम पर प्लेटफार्म पर सो रहे यात्रियों को हटा रहे थे।
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जवानों ने दंपति को भी जगाकर पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच दंपति का सूटकेस चोरी हो गया। सूटकेस चोरी होने का पता लगने पर दंपति ने रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया। सूटकेस में करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात, नकदी, कपड़े आदि सामान रखा हुआ था। दंपति ने जब जीआरपी को सूटकेस चोरी होने की बात बताई तो वह उन पर उल्टा दोषारोपण करने लगे। जीआरपी उपनिरीक्षक ने कहा कि उनका सूटकेस झांसी में नहीं बांदा में चोरी हुआ होगा। दंपति की अपील पर भी जीआरपी ने मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया। दंपति ने एक यात्री की मदद से एसपी रेलवे को प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।
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