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सिंचाई विभाग के कर्मचारी ने की आत्मदाह की कोशिश
jhansi
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:11 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : demo pic
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सिंचाई विभाग की अनुसंधान एवं नियोजन शाखा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रतन लाल रायकवार (40) ने बृहस्पतिवार की दोपहर कार्यालय परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली, जिससे वह बुरी तरह से झुलस गया। कर्मचारी का गंभीरावस्था में मेडिकल कालेज में इलाज जारी है। कर्मचारी ने विभाग के अधीक्षण अभियंता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। जबकि, अभियंता ने कर्मचारी के आरोपों को गलत बताया है।
इलाइट - सीपरी रोड से हाइडिल कालोनी की ओर जाने वाले मोड़ पर सिंचाई विभाग की अनुसंधान एवं नियोजन शाखा का कार्यालय है, जिसमें रतन लाल रायकवार चपरासी के पद पर कार्यरत है। रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को सुबह वह कार्यालय पहुंचा था। दो - ढाई घंटे रुकने के बाद वह बाहर निकल गया। आधा घंटे बाद वह वापस आया, उसके हाथ में एक बोतल थी, जिसमें आधा लीटर पेट्रोल भरा हुआ था। इससे पहले की कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी कुछ समझ पाते, उसने बोतल से अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। यह देख कर्मचारियों ने उसे पकड़ा, लेकिन वह भागकर कार्यालय के बाहर पहुंच गया और आग लगा ली। इससे कार्यालय में हड़कंप मच गया। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह आग बुझाई और सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रतन लाल को गंभीरावस्था में इलाज के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। यहां इलाज जारी है। कर्मचारी की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
कर्मचारी रतन लाल ने विभाग के अधीक्षण अभियंता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कर्मचारी ने बताया कि उसे बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा बंगले पर काम करने का दबाव बनाया जाता है। वहीं, अधीक्षण अभियंता हेमंत कुमार गुप्ता ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कर्मचारी शराब पीने का आदि है। पहले भी वह हेयरडाई पीकर आत्महत्या की कोशिश कर चुका है। कार्यालय में उसका व्यवहार ठीक नहीं रहता हे। उसे पूर्व में कार्य में सुधार की चेतावनी जारी की गई थी, जिसकी वजह से उसके बोनस का भुगतान नहीं हुआ है। उसके स्थानांतरण के लिए भी लिखा जा चुका है। न तो उसे बंगले पर काम के लिए बुलाया गया और न ही अन्य किसी तरह का उत्पीड़न किया गया।
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वहीं, नवाबाद थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक हेमंत कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई है, जिससे मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
पिता की मृत्यु पर हुई थी अनुकंपा नियुक्ति
रतन लाल के पिता भवानी रायकवार सिंचाई विभाग की अनुसंधान एवं नियोजन शाखा में कार्यरत थे। सत्रह साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद रतन लाल की विभाग में अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। साथी कर्मचारियों ने बताया कि रतन लाल आए दिन शराब पीकर कार्यालय आ जाता था। अक्सर हंगामा भी करने लगता था। पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा दिन नहीं चल पाया था। उसके परिवार के अन्य सदस्य सागर गेट अंदर स्थित पुराने घर में रहते है, परंतु रतन लाल अकेला सरकारी आवास में रहता है।
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इलाइट - सीपरी रोड से हाइडिल कालोनी की ओर जाने वाले मोड़ पर सिंचाई विभाग की अनुसंधान एवं नियोजन शाखा का कार्यालय है, जिसमें रतन लाल रायकवार चपरासी के पद पर कार्यरत है। रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को सुबह वह कार्यालय पहुंचा था। दो - ढाई घंटे रुकने के बाद वह बाहर निकल गया। आधा घंटे बाद वह वापस आया, उसके हाथ में एक बोतल थी, जिसमें आधा लीटर पेट्रोल भरा हुआ था। इससे पहले की कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी कुछ समझ पाते, उसने बोतल से अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया। यह देख कर्मचारियों ने उसे पकड़ा, लेकिन वह भागकर कार्यालय के बाहर पहुंच गया और आग लगा ली। इससे कार्यालय में हड़कंप मच गया। साथी कर्मचारियों ने किसी तरह आग बुझाई और सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रतन लाल को गंभीरावस्था में इलाज के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। यहां इलाज जारी है। कर्मचारी की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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कर्मचारी रतन लाल ने विभाग के अधीक्षण अभियंता पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कर्मचारी ने बताया कि उसे बोनस का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा बंगले पर काम करने का दबाव बनाया जाता है। वहीं, अधीक्षण अभियंता हेमंत कुमार गुप्ता ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कर्मचारी शराब पीने का आदि है। पहले भी वह हेयरडाई पीकर आत्महत्या की कोशिश कर चुका है। कार्यालय में उसका व्यवहार ठीक नहीं रहता हे। उसे पूर्व में कार्य में सुधार की चेतावनी जारी की गई थी, जिसकी वजह से उसके बोनस का भुगतान नहीं हुआ है। उसके स्थानांतरण के लिए भी लिखा जा चुका है। न तो उसे बंगले पर काम के लिए बुलाया गया और न ही अन्य किसी तरह का उत्पीड़न किया गया।
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वहीं, नवाबाद थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक हेमंत कुमार ने बताया कि इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं आई है, जिससे मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
पिता की मृत्यु पर हुई थी अनुकंपा नियुक्ति
रतन लाल के पिता भवानी रायकवार सिंचाई विभाग की अनुसंधान एवं नियोजन शाखा में कार्यरत थे। सत्रह साल पहले उनकी मृत्यु हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद रतन लाल की विभाग में अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। साथी कर्मचारियों ने बताया कि रतन लाल आए दिन शराब पीकर कार्यालय आ जाता था। अक्सर हंगामा भी करने लगता था। पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी की थी, लेकिन यह रिश्ता भी ज्यादा दिन नहीं चल पाया था। उसके परिवार के अन्य सदस्य सागर गेट अंदर स्थित पुराने घर में रहते है, परंतु रतन लाल अकेला सरकारी आवास में रहता है।