{"_id":"5d386e3c8ebc3e6cca5d8f38","slug":"success-of-chandrayan-shown-in-rangoli-jhansi-news-jhs144277551","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगोली व चित्रों में दिखी चंद्रयान की सफलता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंगोली व चित्रों में दिखी चंद्रयान की सफलता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रंगोली व चित्रों में दिखी चंद्रयान की सफलता
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में छात्र-छात्राओं ने भारत के चंद्रयान अभियान की सफलता को अपनी कलाकृतियों के जरिए उकेरा और वैज्ञानिकों के प्रयासों को दिखाया, जिन्हें लोगों ने सराहा। इनके अवलोकन के बाद कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. सीबी सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अपनी सोच को सकारात्मक और ऊंचा रखें। इससे ही सफलता का मार्ग मिलता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने भविष्य के लिए लक्ष्य तय करें। उसे पाने के लिए पूरे मन से मेहनत करें। इसरो के प्रमुख के सिवन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इसके सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह खूब सपने देखें और समय का सदुपयोग करें। श्रम और निरंतर अभ्यास से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। ज्ञान के दायरे को विस्तार भी दें। वहीं, प्रो. देवेश निगम ने कहा कि कला का संसार बहुत व्यापक है। यदि सभी विद्यार्थी निरंतर अभ्यास करते हैं तो इससे उनकी प्रतिभा में और भी निखार आएगा। कडे़ श्रम और अभ्यास के बल पर विद्यार्थी अपना व विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सकते हैं। प्रदर्शनी के अवलोकन अवसर पर जन संचार एवं पत्रकारिता संस्थान के शिक्षक उमेश शुक्ल, राघवेंद्र दीक्षित, ललित कला संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। छात्र गजेंद्र सिंह ने चंद्रयान अभियान को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। वहीं, कई विद्यार्थियों ने कैनवास पर चित्र बनाए। इस अवसर पर डॉ. अजय कुमार गुप्त, जयराम कुटार, आरती वर्मा, कमलेश कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में छात्र-छात्राओं ने भारत के चंद्रयान अभियान की सफलता को अपनी कलाकृतियों के जरिए उकेरा और वैज्ञानिकों के प्रयासों को दिखाया, जिन्हें लोगों ने सराहा। इनके अवलोकन के बाद कला संकाय के अध्यक्ष प्रो. सीबी सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अपनी सोच को सकारात्मक और ऊंचा रखें। इससे ही सफलता का मार्ग मिलता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने भविष्य के लिए लक्ष्य तय करें। उसे पाने के लिए पूरे मन से मेहनत करें। इसरो के प्रमुख के सिवन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम इसके सशक्त उदाहरण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वह खूब सपने देखें और समय का सदुपयोग करें। श्रम और निरंतर अभ्यास से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। ज्ञान के दायरे को विस्तार भी दें। वहीं, प्रो. देवेश निगम ने कहा कि कला का संसार बहुत व्यापक है। यदि सभी विद्यार्थी निरंतर अभ्यास करते हैं तो इससे उनकी प्रतिभा में और भी निखार आएगा। कडे़ श्रम और अभ्यास के बल पर विद्यार्थी अपना व विश्वविद्यालय का नाम रोशन कर सकते हैं। प्रदर्शनी के अवलोकन अवसर पर जन संचार एवं पत्रकारिता संस्थान के शिक्षक उमेश शुक्ल, राघवेंद्र दीक्षित, ललित कला संस्थान की समन्वयक डॉ. श्वेता पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। छात्र गजेंद्र सिंह ने चंद्रयान अभियान को रंगोली के माध्यम से प्रदर्शित किया। वहीं, कई विद्यार्थियों ने कैनवास पर चित्र बनाए। इस अवसर पर डॉ. अजय कुमार गुप्त, जयराम कुटार, आरती वर्मा, कमलेश कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन