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छात्राओं को करना होगा और इंतजार
झांसी / ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:21 AM IST
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जिले में यूपी बोर्ड, आईसीएसई एवं सीबीएसई बोर्ड ने करीब 950 इंटर पास मेधावी छात्राओं की सूची शिक्षा विभाग को नहीं भेजी है। जिससे छात्राएं संशोधित कन्या विद्या धन पाने से वंचित हैं। जबकि शासन ने बजट पहले ही आवंटित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि शासन ने संशोधित कन्या विद्या धन योजना के तहत मेरिट आधार पर प्रत्येक छात्रा को तीस-तीस हजार रुपये देने का लक्ष्य बनाया है, जिसका शुभारंभ झांसी में सीएम अखिलेश यादव ने किया था। उन्होंने एक जुलाई को जनपद की दस मेधावी छात्राओं को कन्या विद्या धन की चेक दी। लेकिन इसके पश्चात कन्या विद्या धन योजना की गति मद्धम पड़ गई। सूत्रों के अनुसार इस बीच शासन ने कन्या विद्या धन के लिए बजट भी आवंटित कर दिया, लेकि न यूपी बोर्ड ने लक्ष्य 562 छात्राओं के सापेक्ष पात्र मेधावी 133 छात्राओं की पहली सूची भेजने के बाद दूसरी सूची नहीं भेजी है। अब तक 133 में सिर्फ दस छात्राओं को ही कन्या विद्या धन का लाभ मिल सका है। इसी प्रकार आईसीएसई ने पात्र 228 व सीबीएसई ने पात्र 209 मेधावी छात्राओं की सूची डीआईओएस कार्यालय को अब तक नहीं दी है। इससे उक्त योजना का लाभ पात्र छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है।
योजना का लाभ देने के प्रक्रिया जारी है। जल्द ही पात्र मेधावी छात्राओं को कन्या विद्या धन का लाभ मिलेगा।
- मनोज द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक, झांसी मंडल
पहली सूची में मिलीं आपत्तियां
कन्या विद्या धन योजना के तहत मेरिट के आधार पर तैयार की गई 133 मेधावी छात्राओं की पहली सूची पर शिक्षा विभाग में कुछ छात्राओं ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। सूची में पात्र छात्राओं का चयन एससी वर्ग में 81. 40 प्रतिशत से, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग में 85. 40 प्रतिशत अंक से किया गया। सूत्रों के अनुसार ऐसे में 87 प्रतिशत अंक पाने वाली कुछ छात्राओं ने सूची में अपना नाम न पाकर आपत्ति दर्ज कराई है।
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उल्लेखनीय है कि शासन ने संशोधित कन्या विद्या धन योजना के तहत मेरिट आधार पर प्रत्येक छात्रा को तीस-तीस हजार रुपये देने का लक्ष्य बनाया है, जिसका शुभारंभ झांसी में सीएम अखिलेश यादव ने किया था। उन्होंने एक जुलाई को जनपद की दस मेधावी छात्राओं को कन्या विद्या धन की चेक दी। लेकिन इसके पश्चात कन्या विद्या धन योजना की गति मद्धम पड़ गई। सूत्रों के अनुसार इस बीच शासन ने कन्या विद्या धन के लिए बजट भी आवंटित कर दिया, लेकि न यूपी बोर्ड ने लक्ष्य 562 छात्राओं के सापेक्ष पात्र मेधावी 133 छात्राओं की पहली सूची भेजने के बाद दूसरी सूची नहीं भेजी है। अब तक 133 में सिर्फ दस छात्राओं को ही कन्या विद्या धन का लाभ मिल सका है। इसी प्रकार आईसीएसई ने पात्र 228 व सीबीएसई ने पात्र 209 मेधावी छात्राओं की सूची डीआईओएस कार्यालय को अब तक नहीं दी है। इससे उक्त योजना का लाभ पात्र छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है।
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योजना का लाभ देने के प्रक्रिया जारी है। जल्द ही पात्र मेधावी छात्राओं को कन्या विद्या धन का लाभ मिलेगा।
- मनोज द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक, झांसी मंडल
पहली सूची में मिलीं आपत्तियां
कन्या विद्या धन योजना के तहत मेरिट के आधार पर तैयार की गई 133 मेधावी छात्राओं की पहली सूची पर शिक्षा विभाग में कुछ छात्राओं ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। सूची में पात्र छात्राओं का चयन एससी वर्ग में 81. 40 प्रतिशत से, पिछड़ा एवं सामान्य वर्ग में 85. 40 प्रतिशत अंक से किया गया। सूत्रों के अनुसार ऐसे में 87 प्रतिशत अंक पाने वाली कुछ छात्राओं ने सूची में अपना नाम न पाकर आपत्ति दर्ज कराई है।
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