अमर उजाला संवाद में विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा, बोले- युवा का मतलब ऊर्जा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश का युवा ऊर्जावान है। उसमें क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत तो सिर्फ सही मार्गदर्शन की है। इसके लिए उन्हें सकारात्मक माहौल देना बेहद जरूरी है। साथ ही युवा भी अपनी सोच में बदलाव लाएं। वे नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। यह बात युवा दिवस पर अमर उजाला के बिजनेस एकेडमिक सोशल इंटरप्रेन्योर (बेस) कार्यक्रम के तहत ‘समाज के बदलाव में युवाओं की भागीदारी’ विषय पर आयोजित संवाद में नगर के युवाओं ने कही।
रविवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में युवाओं ने कहा कि पूरी दुनिया में भारत की पहचान युवा देश के रूप में हैं। युवाओं की क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करने से ही समाज में बदलाव आएगा। युवा भी खुद की ताकत को पहचाने और उसी के अनुरूप अपना रास्ता चुनें। युवा अपनी काबिलियत और नई सोच के बूते पर रोजगार सृजनकर्ता बन सकते हैं। सरकार भी इसमें प्रोत्साहन दे। नकारात्मकता को खत्म कर युवा समाज में सकारात्मक बदलाव के भागीदार बनें।
युवा अपने कार्य क्षेत्र में पूरी क्षमता और नई सोच के साथ काम कर समाज को बदल सकते हैं। हमें अपनी क्षमता भी पहचाननी होगी- वैभव कुलश्रेष्ठ, बीबीए टूरिज्म छात्र
हम सिर्फ रोजगार मांगने वाले नहीं है, रोजगार उत्पन्न करने की ताकत भी रखते हैं। जरूरत तो प्रोत्साहन की है। हम पर भरोसा करना होगा- स्वप्निल अग्रवाल, युवा कारोबारी
नकारात्मकता को कभी आसपास भी फटकने नहीं देना चाहिए। सकारात्मक सोच के साथ बढ़ना होगा। इससे समाज का माहौल बदलेगा- हृदेश भारद्वाज, मेकेनिकल इंजीनियरिंग छात्र
युवा भेड़ चाल में न पड़ें, बल्कि खुद का लक्ष्य बनाकर उसी दिशा में आगे बढ़ें। हम बदलेंगे, तभी समाज में भी बदलाव आएगा- शरद यादव, मेकेनिकल इंजीनियरिंग छात्र
युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल नकारात्मक कार्यों में हो रहा है। इससे समाज और देश सभी को नुकसान हो रहा है। ये माहौल बदलना होगा- आशुतोष सिंह, मेकेनिकल इंजीनियरिंग छात्र
युवा क्षमतावान है, जरूरत सही मार्गदर्शन की है। हम खुद आगे बढ़ें और समाज के वंचित वर्ग को भी साथ लेकर चलें। इसी से समाज बदलेगा- सचिन गंगवार, बीटेक छात्र
नकारात्मक बातों से ध्यान हटाकर अनुसंधान के क्षेत्र में युवाओं को अपना ध्यान लगाना होगा। जिस दिशा में युवा चलेगा उसी में समाज भी चल पड़ेगा- शांतनु श्रीवास्तव, माइक्रोबायोलॉजी छात्र
इन छात्रों ने भी रखी अपनी बात
युवा अपनी स्किल्स को पहचानें और उसी के अनुसार काम करें। इससे वे अपने कार्य क्षेत्र में शत प्रतिशत दे पाएंगे। देश और समाज के लिए ये हितकर होगा- हिमांशु त्रिपाठी, फार्मेसी छात्र
देश और समाज में बदलाव हमेशा युवा ही लाया है। सभी आंदोलन युवाओं के बूते पर ही सफल हुए हैं। युवा ऊर्जा का इस्तेमाल सामाजिक बदलाव के लिए हो- तरुण अशोक साहू, युवा कारोबारी
शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ नौकरी न हो, बल्कि ये रोजगारपरक हो। युवा स्वयं का रोजगार खड़ा करने की दिशा में काम करें। इच्छाशक्ति यदि दृढ़ हो तो ये काम कठिन नहीं है- इं. अंकित राय, युवा कारोबारी
हमारी ऊर्जा और क्षमता का उपयोग केवल हम ही न करें, बल्कि ये समाज और देश के काम में भी आए, युवाओं को इसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए- प्रिया वर्मा, बीएससी छात्रा
हम जैसा माहौल देश का चाहते हैं, वैसे ही जनप्रतिनिधि को हमें चुनना चाहिए। चुनाव के दौरान युवा सही फैसला लें और सही प्रतिनिधि को चुनें- दिव्यांशी कुशवाहा, बीएससी छात्रा
युवा नई बुनियाद रखकर सामाजिक बदलाव के प्रणेता बन सकते हैं। जरूरत सिर्फ मजबूत इच्छा शक्ति की है। सही दिशा का चयन कर आगे बढ़ें- नंदिता सिंह, आर्य कन्या महाविद्यालय
'युवा का मतलब ऊर्जा है'
युवा का मतलब ऊर्जा है। ऊर्जा से कार्यक्षमता बढ़ती है। इस बात को युवा खुद में महसूस करें। अपनी नई सोच के जरिये बेहतरीन समाज का निर्माण करें- दीक्षा दुबे, बीए छात्रा
देखने में आ रहा है कि तमाम युवाओं की सबसे बड़ी दिक्कत भेड़ चाल है। जबकि, अपना रास्ता और मंजिल खुद तय करना चाहिए- अर्णव चौहान, एमबीबीएस छात्र
इन दिनों में छात्र सड़क पर उतरकर हिंसात्मक आंदोलन कर रहे हैं। इससे समाज को भी गलत दिशा मिल रही है। इससे बचाना चाहिए- निमिष जैन, एमबीबीएस छात्र
देश में युवाओं की आबादी 65 करोड़ है, ये केवल आबादी नहीं, बल्कि 65 करोड़ दिमाग हैं। सरकार को इसका इस्तेमाल करना चाहिए- आदित्य श्रीवास्तव, होटल मैनेजमेंट छात्र
पढ़ाई और रोजगार के दबाव में युवा आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा रहे हैं। ये नकारात्मक माहौल की वजह से है। इसे बदलना होगा- प्रिया बाजपेई, होटल मैनेजमेंट छात्रा
सोशल मीडिया का हम सही इस्तेमाल करें। ये सामाजिक बदलाव में बड़ी मददगार हो सकती है। अपने साथ-साथ समाज के लिए भी बेहतर सोचें- वंशिका, होटल मैनेजमेंट छात्रा
युवाओं को अपने में बड़ा बदलाव लाना होगा। केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं होना होगा, सामाजिक सरोकारों के लिए भी समय निकालना होगा- अतुल मिश्रा, बीआईईटी छात्र
अनुसंधान में प्रोत्साहित कर युवा क्षमता का सही इस्तेमाल किया जा सकता है। ये समाज और देश के लिए हितकर होगा- निहारिका सक्सेना, बीआईईटी छात्रा
स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि उठो, जागो और लक्ष्य हासिल करने तक कोशिश करते रहो। इन्हें जीवन सूत्र मानते हुए युवा बदलेगा, तो समाज अपने आप बदलेगा- साक्षी, बीआईईटी छात्रा