फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Student arrested with fake mark sheets

फर्जी मार्कशीट के साथ छात्र दबोचा

Sat, 23 Jan 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 23 Jan 2016 12:57 AM IST
विज्ञापन
Student arrested with fake mark sheets
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट के सहारे डिग्री निकलवाने आया छात्र दबोच लिया गया। पूछताछ में छात्र ने बताया कि उसने तृतीय वर्ष की परीक्षा देकर मार्कशीट हासिल की है। प्रथम और द्वितीय वर्ष की मार्कशीट मांगने पर वह नहीं दिखा सका।
विज्ञापन


बीयू की फर्जी मार्कशीट, फर्जी वेबसाइट बनाने के कई मामले पूर्व में भी प्रकाश में आ चुके हैं। शुक्रवार को दिल्ली का एक युवक बीए तृतीय वर्ष की मार्कशीट लेकर डिग्री विभाग में डिग्री निकलवाने पहुंचा। वहां कर्मचारियों द्वारा छात्र से प्रथम और द्वितीय वर्ष की मार्कशीट भी मांगी गई, तो उसने प्रथम दोनों वर्षों की मार्कशीट होने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन


छात्र द्वारा बीए तृतीय वर्ष की मार्कशीट और प्रवेश पत्र देखने पर दो साल का अंतर दिखाई दिया। इस पर उन्होंने छात्र से फर्जीवाड़ा कर मार्कशीट बनवाने की बात कही तो वह कर्मचारियों से उलझ गया। इस दौरान छात्र और कर्मचारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में छात्र को कुलसचिव कार्यालय ले आया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र ने बताया कि दिल्ली के मुनेरिका इलाके में संचालित एक स्कूल के संचालक ने उसकी मार्कशीट बनवाई है। छात्र कॉलेज संचालक ने प्रथम और द्वितीय वर्ष की मार्कशीट उसे नहीं दी है। इस दौरान छात्र द्वारा साथ लाए गए दस्तावेजों पर जो मुहर लगी थी, उसे भी बीयू कर्मचारियों ने फर्जी करार दिया।

बाद में छात्र मां और पिता का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की बात कहते हुए विश्वविद्यालय अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाने लगा। इस पर अधिकारियों ने मुनेरिका के कॉलेज संचालक के खिलाफ दो दिन में मुकदमा दर्ज कराकर उसकी कॉपी उपलब्ध कराने के बारे में लिखित में लेकर उसे जाने दिया।

छात्र के पासपोर्ट की फोटोकॉपी, फोन नंबर समेत कई निजी जानकारियां भी नोट कर ली गईं हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि दो दिन में मुकदमा नहीं दर्ज कराने पर विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बनवाने का मुकदमा उसके खिलाफ करवाएगा।

बीयू स्टाफ की भी है संलिप्तता
फर्जी मार्कशीट प्रकरण में हर बार बीयू स्टाफ की संलिप्तता होने की बात कही जाती रही है। शुक्रवार को नया मामला सामने आने पर फिर यह संदेह पैदा हो गया है क्योंकि छात्र के तृतीय वर्ष का रिकॉर्ड विश्वविद्यालय में दर्ज मिला है। इससे स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय के ही किसी स्टाफ ने फर्जीवाड़ा कर छात्र का तृतीय वर्ष का रिकॉर्ड फीड किया। खुद विश्वविद्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी छात्र का तृतीय वर्ष का रिकॉर्ड फीड होने पर आश्चर्यचकित हैं।


हाल ही में फर्जी मार्कशीट के जो मामले सामने आए उसमें से अधिकांश वर्ष 2008 के हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि 2008 में मूल्यांकन और डाटा फीडिंग का कार्यदेख रहे स्टाफ में से ही कोई फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के संपर्क में है। अब फिर सवाल वही उठ रहा है कि क्या हर बार की तरह इस बार भी विश्वविद्यालय प्रशासन मामले से कन्नी काट लेगा या मामले की तह तक जाने के लिए गहन जांच करवाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed