{"_id":"58dc11e64f1c1bfc4c63e792","slug":"strike-new-government-on-the-road","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर कड़क नई सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर कड़क नई सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2017 01:28 AM IST
विज्ञापन
सड़क
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार अब एक्शन मोड में है। लोक निर्माण विभाग की बनाई जिले की 170 सड़कों की जांच शुरू हो गई है। जांच कमेटी ने इन सड़कों में इस्तेमाल की गई सामग्री मानक और नियम के मुताबिक तौल रही है। यह भी देखा जा रहा है कि टेंडर में क्या शर्तें थीं और उनका पालन कितना किया गया? जांच रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपी जाएगी। कई अभियंता, अधिकारी और ठेकेदार भी जांच के दायरे में हैं।
समाजवादी पार्टी सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्रालय का जिम्मा शिवपाल सिंह यादव के पास था। लोक निर्माण विभाग ने जो भी सड़कें जिले में बनवाई थीं, अब उनकी गोपनीय जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने विभाग की जांच कराने का निर्णय लिया। इसी क्रम में झांसी स्थित लोक निर्माण विभाग की द्वारा बनाई गई सड़कों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में 170 सड़कों को लिया गया है। इसमें झांसी से उन्नाव बालाजी मार्ग का निर्माण केंद्रीय मंत्री उमा भारती के प्रयास से सेंट्रल रोड फंड के अंतर्गत कराया जा रहा है। 18.62 करोड़ रुपये की लागत से यह सड़क सात मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। बीच- बीच में गांव होने के कारण वहां पर सीसी सड़क बनाई जा रही है। जांच टीम सीसी सड़क और डामर की सड़क के अलग- अलग नमूने ले रही है। इसके अलावा मऊरानीपुर से गुरसराय होते हुए पूंछ तक बनने वाली सड़क खास तौर पर निशाने पर है। सड़कों की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसी तरह अन्य सड़कें भी हैं, जिनकी सूची बन गई है और जांच भी शुरू हो गई है, लेकिन सबकुछ इतना गोपनीय है कि किसी को भनक नहीं लग रही। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और अभियंता इस बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
मंत्री दिखा रहे सक्रियता
सरकार के गठन के बाद सबसे पहले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जिले का भ्रमण किया था। अब सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह शुक्रवार को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। वह एरच बांध और पहूंज बांध में चल रहे निर्माण कार्यों की हकीकत देखेंगे। जानकार यह भी मान रहे हैं कि मार्च समाप्त होने को है, इसलिए अफसर बजट को ठिकाने लगा सकते हैं। ऐसे में मंत्री अपने विभाग के बारे में पूरी जानकारी जुटा रहे हैं।
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्रालय का जिम्मा शिवपाल सिंह यादव के पास था। लोक निर्माण विभाग ने जो भी सड़कें जिले में बनवाई थीं, अब उनकी गोपनीय जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद लोक निर्माण विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने विभाग की जांच कराने का निर्णय लिया। इसी क्रम में झांसी स्थित लोक निर्माण विभाग की द्वारा बनाई गई सड़कों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार जांच के दायरे में 170 सड़कों को लिया गया है। इसमें झांसी से उन्नाव बालाजी मार्ग का निर्माण केंद्रीय मंत्री उमा भारती के प्रयास से सेंट्रल रोड फंड के अंतर्गत कराया जा रहा है। 18.62 करोड़ रुपये की लागत से यह सड़क सात मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। बीच- बीच में गांव होने के कारण वहां पर सीसी सड़क बनाई जा रही है। जांच टीम सीसी सड़क और डामर की सड़क के अलग- अलग नमूने ले रही है। इसके अलावा मऊरानीपुर से गुरसराय होते हुए पूंछ तक बनने वाली सड़क खास तौर पर निशाने पर है। सड़कों की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसी तरह अन्य सड़कें भी हैं, जिनकी सूची बन गई है और जांच भी शुरू हो गई है, लेकिन सबकुछ इतना गोपनीय है कि किसी को भनक नहीं लग रही। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और अभियंता इस बारे में कुछ भी बताने से बच रहे हैं।
विज्ञापन
मंत्री दिखा रहे सक्रियता
सरकार के गठन के बाद सबसे पहले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जिले का भ्रमण किया था। अब सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह शुक्रवार को जिले के दौरे पर आ रहे हैं। वह एरच बांध और पहूंज बांध में चल रहे निर्माण कार्यों की हकीकत देखेंगे। जानकार यह भी मान रहे हैं कि मार्च समाप्त होने को है, इसलिए अफसर बजट को ठिकाने लगा सकते हैं। ऐसे में मंत्री अपने विभाग के बारे में पूरी जानकारी जुटा रहे हैं।