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राधा-कृष्ण की अष्टधातु से बनीं मूर्तियां चोरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2016 01:08 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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झांसी। बड़ागांव गेट अंदर साहू समाज के राम जानकी मंदिर से बृहस्पतिवार की रात बदमाश अष्टधातु से बनी राधा- कृष्ण की दो प्राचीन मूर्तियां चुराकर ले गए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। मंदिर में चोरी से श्रद्धालु और साहू समाज के लोग गुस्से में है।
मंदिर के पुजारी बाहर बड़ागांव गेट निवासी राजेंद्र तिवारी ने प्रतिदिन की तरह बृहस्पतिवार की रात को आरती की। कुछ देर बाद मंदिर के पट बंद करके मुख्यद्वार पर ताला लगाया। शुक्रवार की सुबह जब वह मुख्य द्वार का ताला खोलकर मंदिर प्रांगण में पहुंचे तो दान पात्र का कुंडा टूटा दिखा, जिसे देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। अंदर पहुंचे तो देखा कि सिंहासन पर विराजमान अष्ट धातुओं की बेशकीमती राधा - कृष्ण की मूर्तियां गायब थीं। घटना की जानकारी मिलते ही कुछ देर में मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु और साहू समाज के लोग पहुंच गए। मंदिर से मूर्तियों चोरी होने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाया गया।
टीम ने मंदिर की छत से लेकर मुख्य द्वार तक बारीकी से निरीक्षण करके कई अहम सुराग इकठ्ठा किए। साहू समाज के लोगों ने पुलिस को बताया कि अष्टधातु की मूर्तियां करीब 200 वर्ष पुरानी हैं, जिसकी वजह से वह बेशकीमती हैं। यदि जल्द मूर्तियों को बरामद नहीं किया गया तो साहू समाज और श्रद्धालु आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस पर कोतवाली प्रभारी ने श्रद्धालुओं को जल्द वारदात का खुलासा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण करने के बाद आशंका है कि बदमाश छत के रास्ते से होकर मंदिर में घुसे होंगे।
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मंदिर के पुजारी बाहर बड़ागांव गेट निवासी राजेंद्र तिवारी ने प्रतिदिन की तरह बृहस्पतिवार की रात को आरती की। कुछ देर बाद मंदिर के पट बंद करके मुख्यद्वार पर ताला लगाया। शुक्रवार की सुबह जब वह मुख्य द्वार का ताला खोलकर मंदिर प्रांगण में पहुंचे तो दान पात्र का कुंडा टूटा दिखा, जिसे देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। अंदर पहुंचे तो देखा कि सिंहासन पर विराजमान अष्ट धातुओं की बेशकीमती राधा - कृष्ण की मूर्तियां गायब थीं। घटना की जानकारी मिलते ही कुछ देर में मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालु और साहू समाज के लोग पहुंच गए। मंदिर से मूर्तियों चोरी होने की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिसके बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाया गया।
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टीम ने मंदिर की छत से लेकर मुख्य द्वार तक बारीकी से निरीक्षण करके कई अहम सुराग इकठ्ठा किए। साहू समाज के लोगों ने पुलिस को बताया कि अष्टधातु की मूर्तियां करीब 200 वर्ष पुरानी हैं, जिसकी वजह से वह बेशकीमती हैं। यदि जल्द मूर्तियों को बरामद नहीं किया गया तो साहू समाज और श्रद्धालु आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस पर कोतवाली प्रभारी ने श्रद्धालुओं को जल्द वारदात का खुलासा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण करने के बाद आशंका है कि बदमाश छत के रास्ते से होकर मंदिर में घुसे होंगे।
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