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Jhansi News: यूट्यूब पर फिनाइल बनाने की विधि से शुरू किया कारोबार
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- ग्राम चुरावनी में समूह की महिलाओं ने फिनाइल को बनाया अपने समूह का ब्रांड
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम चुरावनी में देवा माता समूह की महिलाएं फिनाइल को बनाकर बेचने का कार्य कर रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। महिलाएं गांव में ही फिनाइल बनाती हैं, साथ ही उन्हें आसपास के इलाकों में बेचती हैं। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से इसकी प्रदेश स्तर पर ब्रांडिंग भी की जा रही है।
जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं महिला सशक्तीकरण की मिसाल कायम कर रही हैं। न सिर्फ वह स्वयं ही आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि पूरे परिवार की आय बढ़ाकर सभी जीवनस्तर सुधार रही हैं। ऐसा ही उदाहरण ग्राम चुरावनी में संचालित देवा माता समूह की महिलाओं का देखने को मिलता है। इस समूह की महिलाएं साबो, राधा व संगीता ने यूट्यूब के माध्यम से फिनाइल बनाना सीखा, इसके बाद उन्होंने इसका व्यापार करने की ठान ली। उन्हें कच्चा माल राष्ट्रीय आजीविका मिशन विभाग के लोगों ने उपलब्ध कराया। वर्तमान में उनका यह ब्रांड आसपास के गांव में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के आगरा व लखनऊ के सेमिनार में प्रस्तुतीकरण के भेजा गया है। विभाग भी इन महिलाओं का सहयोग कर रहा है। जिससे उन्हें इसका उचित व्यवसाय मिल सके। 690 रुपये की लागत में यह महिलाएं 20 लीटर फिनाइल तैयार कर लेती हैं। उनका कहना है कि प्रतिमाह करीब 8 से 10 हजार रुपये की आमदनी होती है। समूह की यह महिलाएं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम चुरावनी में देवा माता समूह की महिलाएं फिनाइल को बनाकर बेचने का कार्य कर रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। महिलाएं गांव में ही फिनाइल बनाती हैं, साथ ही उन्हें आसपास के इलाकों में बेचती हैं। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से इसकी प्रदेश स्तर पर ब्रांडिंग भी की जा रही है।
जनपद में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं महिला सशक्तीकरण की मिसाल कायम कर रही हैं। न सिर्फ वह स्वयं ही आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि पूरे परिवार की आय बढ़ाकर सभी जीवनस्तर सुधार रही हैं। ऐसा ही उदाहरण ग्राम चुरावनी में संचालित देवा माता समूह की महिलाओं का देखने को मिलता है। इस समूह की महिलाएं साबो, राधा व संगीता ने यूट्यूब के माध्यम से फिनाइल बनाना सीखा, इसके बाद उन्होंने इसका व्यापार करने की ठान ली। उन्हें कच्चा माल राष्ट्रीय आजीविका मिशन विभाग के लोगों ने उपलब्ध कराया। वर्तमान में उनका यह ब्रांड आसपास के गांव में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आजीविका मिशन के आगरा व लखनऊ के सेमिनार में प्रस्तुतीकरण के भेजा गया है। विभाग भी इन महिलाओं का सहयोग कर रहा है। जिससे उन्हें इसका उचित व्यवसाय मिल सके। 690 रुपये की लागत में यह महिलाएं 20 लीटर फिनाइल तैयार कर लेती हैं। उनका कहना है कि प्रतिमाह करीब 8 से 10 हजार रुपये की आमदनी होती है। समूह की यह महिलाएं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं।
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