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ढाई दशक बाद सपा - बसपा ने साझा किया मंच
Wed, 16 Jan 2019 12:44 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:44 AM IST
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सपा और बसपा ने गठबंधन कर 1993 में प्रदेश में सरकार बनाई थी, लेकिन जोड़ी ज्यादा समय तक नहीं चल पाई थी। ढाई दशक बाद अब एक बार फिर दोनों दल साथ आए हैं। इसकी झलक मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के 63वें जन्मदिवस पर देखने को मिली। कार्यक्रम में दोनों दलों के नेताओं ने 63 किलोग्राम का केक काटा। इस दौरान सामूहिक रूप से देश और प्रदेश की राजनीति से भाजपा और कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया।
मंगलवार को जन्मदिन के बहाने दोनों दलों के कार्यकर्ता इलाइट - सीपरी रोड स्थित एक विवाह घर में इकट्ठा हुए। मुख्य अतिथि बसपा के बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार ने कहा कि दोनों दलों का गठजोड़ हुआ है, अब दिलों का गठजोड़ करना है तभी सफलता मिलेगी। देश को आजाद हुए 71 साल बीत गए, लेकिन गरीबी दूर नहीं हुई। अगर बाबा साहब की नीतियों को सही तरीके से लागू किया गया होता तो देश की तस्वीर बदल जाती। कांग्रेस ने 50 साल हुकूमत की, लेकिन घोटालों से देश को बरबाद कर दिया। अब बीजेपी मनुवादी संविधान लागू करना चाहती है।
सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि सपा व बसपा के गठबंधन से भाजपा नेताओं की बोलती बंद हो गई है। गठबंधन का झंडा दिल्ली में लहराएगा। प्रधानमंत्री के दबाव में आकर प्लानिंग कमीशन के मुखिया ने इस्तीफा दे दिया, आरबीआई गर्वनर ने इस्तीफा दे दिया। देश में अघोषित आपातकाल लागू है। हवाई जहाज खरीदने में गड़बड़ियां की गईं, 45 हजार करोड़ लेकर कुछ लोग विदेश भाग गए। मोदी सरकार ने नौकरियां देने का वायदा किया था, लेकिन 95 हजार पद समाप्त कर युवाओं को बेरोजगार कर दिया गया।
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लोकसभा प्रभारी जुगल किशोर कुशवाहा ने कहा कि देश में गठबंधन का परचम लहराएंगे। यदि संविधान को सही तरीके से लागू किया गया होता तो देश की तस्वीर ही बदल गई होती। मुख्य जोन इंचार्ज बुंदेलखंड प्रभारी पवन चौधरी ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने चार बार राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को मुख्यमंत्री बनाया। अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि एक बार उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाएं।
अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामबाबू चिरगईयां ने की। इस मौके पर एमएलसी रमा निरंजन, पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, पूर्व विधायक कैलाश साहू, कृष्णपाल सिंह राजपूत, डॉ रश्मि आर्य, दीपनारायण यादव, प्रागीलाल अहिरवार, अनुराधा शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, राकेश पाल, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह, डॉ. प्रवीण शशि व ब्लाक प्रमुख चरण सिंह ने विचार व्यक्त किए। संचालन साबिर खान ने किया।
यह रहे मौजूद
सपा के महानगर अध्यक्ष मिर्जा करामत वेग, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयपाल अहिरवार, आरके अहिरवार, महानगर अध्यक्ष मोहम्मद नफीस शानू, बृजबिहारी राज, पार्षद महेश गौतम, सिद्धार्थ अहिरवार, विमल किशोर राही, रविकांत मौर्य, महेश रिछारिया, पर्वत सिंह पाल, एडवोकेट शमीम खान, जगदीश यादव, उत्कर्ष साहू, पूर्व पार्षद संतोष कुशवाहा, चंद्रभान आदिम, रामप्रकाश मामू, कय्यूम अंसारी, चंद्रभान अहिरवार भट्टागांव, पूर्व महानगर अध्यक्ष आनंद साहू, संतोषराज वर्मा, अशरफ कुरैशी आदि मौजूद रहे।
‘जय भीम’, ‘जय भारत’ के साथ ‘जय समाजवाद’
बहुजन समाज पार्टी के नेता संबोधन के बाद ‘जय भीम जय भारत’ बोलते थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन के मौके पर लगभग सभी नेताओं ने ‘जय भीम’, ‘जय भारत’ के साथ ‘जय समाजवाद’ का भी संबोधन किया। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इसका पालन किया और वह भी ‘जय भीम’, ‘जय भारत’ के साथ ‘जय समाजवाद’ बोलते नजर आए।
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मंगलवार को जन्मदिन के बहाने दोनों दलों के कार्यकर्ता इलाइट - सीपरी रोड स्थित एक विवाह घर में इकट्ठा हुए। मुख्य अतिथि बसपा के बुंदेलखंड प्रभारी लालाराम अहिरवार ने कहा कि दोनों दलों का गठजोड़ हुआ है, अब दिलों का गठजोड़ करना है तभी सफलता मिलेगी। देश को आजाद हुए 71 साल बीत गए, लेकिन गरीबी दूर नहीं हुई। अगर बाबा साहब की नीतियों को सही तरीके से लागू किया गया होता तो देश की तस्वीर बदल जाती। कांग्रेस ने 50 साल हुकूमत की, लेकिन घोटालों से देश को बरबाद कर दिया। अब बीजेपी मनुवादी संविधान लागू करना चाहती है।
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सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि सपा व बसपा के गठबंधन से भाजपा नेताओं की बोलती बंद हो गई है। गठबंधन का झंडा दिल्ली में लहराएगा। प्रधानमंत्री के दबाव में आकर प्लानिंग कमीशन के मुखिया ने इस्तीफा दे दिया, आरबीआई गर्वनर ने इस्तीफा दे दिया। देश में अघोषित आपातकाल लागू है। हवाई जहाज खरीदने में गड़बड़ियां की गईं, 45 हजार करोड़ लेकर कुछ लोग विदेश भाग गए। मोदी सरकार ने नौकरियां देने का वायदा किया था, लेकिन 95 हजार पद समाप्त कर युवाओं को बेरोजगार कर दिया गया।
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लोकसभा प्रभारी जुगल किशोर कुशवाहा ने कहा कि देश में गठबंधन का परचम लहराएंगे। यदि संविधान को सही तरीके से लागू किया गया होता तो देश की तस्वीर ही बदल गई होती। मुख्य जोन इंचार्ज बुंदेलखंड प्रभारी पवन चौधरी ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने चार बार राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को मुख्यमंत्री बनाया। अब युवाओं की जिम्मेदारी है कि एक बार उन्हें प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाएं।
अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामबाबू चिरगईयां ने की। इस मौके पर एमएलसी रमा निरंजन, पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, पूर्व विधायक कैलाश साहू, कृष्णपाल सिंह राजपूत, डॉ रश्मि आर्य, दीपनारायण यादव, प्रागीलाल अहिरवार, अनुराधा शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, राकेश पाल, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह, डॉ. प्रवीण शशि व ब्लाक प्रमुख चरण सिंह ने विचार व्यक्त किए। संचालन साबिर खान ने किया।
यह रहे मौजूद
सपा के महानगर अध्यक्ष मिर्जा करामत वेग, बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जयपाल अहिरवार, आरके अहिरवार, महानगर अध्यक्ष मोहम्मद नफीस शानू, बृजबिहारी राज, पार्षद महेश गौतम, सिद्धार्थ अहिरवार, विमल किशोर राही, रविकांत मौर्य, महेश रिछारिया, पर्वत सिंह पाल, एडवोकेट शमीम खान, जगदीश यादव, उत्कर्ष साहू, पूर्व पार्षद संतोष कुशवाहा, चंद्रभान आदिम, रामप्रकाश मामू, कय्यूम अंसारी, चंद्रभान अहिरवार भट्टागांव, पूर्व महानगर अध्यक्ष आनंद साहू, संतोषराज वर्मा, अशरफ कुरैशी आदि मौजूद रहे।
‘जय भीम’, ‘जय भारत’ के साथ ‘जय समाजवाद’
बहुजन समाज पार्टी के नेता संबोधन के बाद ‘जय भीम जय भारत’ बोलते थे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन के मौके पर लगभग सभी नेताओं ने ‘जय भीम’, ‘जय भारत’ के साथ ‘जय समाजवाद’ का भी संबोधन किया। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी इसका पालन किया और वह भी ‘जय भीम’, ‘जय भारत’ के साथ ‘जय समाजवाद’ बोलते नजर आए।