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सूखे खेतों के लिए मांगा पानी, रास्ता किया जाम
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Tue, 09 Jun 2015 02:01 AM IST
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झांसी। बबीना नहर प्रणाली से वंचित 40 गांवों के किसानों ने सोमवार को बुंदेलखंड किसान मोर्चा के नेतृत्व में सिंचाई विभाग के बेतवा कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए सिंचाई विभाग में बैल बांध दिए। किसानों का उग्र रूप देख अधिशासी अभियंता ने उन्हें एक माह में सर्वे कराने का आश्वासन दिया है। इससे पूर्व किसानों ने बैलगाड़ी, हल व रमतूला लेकर इलाइट चौराहे पर सांकेतिक जाम भी लगाया।
बबीना ब्लॉक में 56 गांव हैं, इनमें 15 गांवों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के लिए बबीना नहर प्रणाली से जोड़ा गया है। इस योजना पर काम शुरू हो गया है, इससे बाकी गांव के लोग नाराज हैं। इन गांवों में आने वाले खजराहा खुर्द, खजराहा बुजुर्ग, किलचुआरा, मथुरापुरा, सरबां, सफा, चमरुआ, कोटी, बंडा, मुरारी, बैदोरा, अमरपुर, पुनावली, गजगांव, बदनपुर, खैरा, इमिलिया, छतपुर, परासई, बछोनी, राजापुर, बमेर, रक्सा, डगरवाहा, कसोधन, नया खेड़ा, डोमागोर, ग्वैरा, दुर्गापुरा, बल्लमपुर, डिकोली, पलीदा, कंचनपुर,बाजना, मठ, गुढ़ा, डोगरी, अठोंदना, गागोनी, बरुआपुरा खाड़ी, गुवांली, बैजपुर, बुढ़पुरा, हीरापुर आदि के ग्रामीण भी बबीना नहर योजना से सिंचाई के लिए पानी मांग रहे हैं। इसको लेकर सोमवार को उक्त गांवों के दर्जनों किसान बुंदेलखंड किसान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में रानी लक्ष्मीबाई पार्क में एकत्रित हुए। यहां से किसान बैलगाड़ी पर सवार होकर जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए इलाइट चौराहा पहुंचे। यहां 10 मिनट तक सांकेतिक जाम लगाने के बाद किसान सिंचाई विभाग के बेतवा कार्यालय पहुंचे। किसानों ने बेतवा भवन परिसर में विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर सभा की। इस दौरान किसानों ने बैलों को कार्यालय के अंदर बांध दिया, इससे अफरातफरी का माहौल बन गया।
वहीं, संबंधित क्षेत्र के अधिशासी अभियंता अविनाश मिश्रा के राजकीय कार्य से लखनऊ में होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी मिथलेश कुमार दुबे, अवर अभियंता रवि पचौरी व दीपक अवस्थी किसानों से मिलने पहुंचे। यहां तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने अधिशासी अभियंता से मोबाइल पर वार्ता के बाद किसानों को आश्वस्त किया कि बबीना ब्लॉक 56 गांवों मेें 40 गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु तकनीकी दृष्टि से इसका परीक्षण एक माह के अंदर कराया जाएगा। इसके उपरांत जो भी तथ्य पाए जाएंगे, उनको योजना में शामिल कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस दौरान किसानों को यह भी बताया गया कि बबीना ब्लॉक के पंद्रह गांवों को सिंचाई उपलब्ध कराने संबंधी अधिग्रहीत भूमि की दरों को चार गुना स्वीकृत करा लिया गया है, जल्द ही भुगतान शुरू हो जाएगा। इसके बाद किसान वापस लौट गए।
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सभा में रहीस यादव, संतोष पचौरी, लालाराम, सी एल यादव, विमलेश तिवारी, राजू बेदौरा, लखन सेक्रेट्री आदि ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर वीरेंद्र राजपूत, शशिकांत राजपूत, मानसिंह नेता, शीला अहिरवार, राकेश राजपूत, रामकुमार पटैरिया, महेंद्र यादव, भरत पाल, संतोष राय, अलख प्रसाद, शेर सिंह, मनोज पटैरिया आदि किसान मौजूद थे।
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बबीना ब्लॉक में 56 गांव हैं, इनमें 15 गांवों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के लिए बबीना नहर प्रणाली से जोड़ा गया है। इस योजना पर काम शुरू हो गया है, इससे बाकी गांव के लोग नाराज हैं। इन गांवों में आने वाले खजराहा खुर्द, खजराहा बुजुर्ग, किलचुआरा, मथुरापुरा, सरबां, सफा, चमरुआ, कोटी, बंडा, मुरारी, बैदोरा, अमरपुर, पुनावली, गजगांव, बदनपुर, खैरा, इमिलिया, छतपुर, परासई, बछोनी, राजापुर, बमेर, रक्सा, डगरवाहा, कसोधन, नया खेड़ा, डोमागोर, ग्वैरा, दुर्गापुरा, बल्लमपुर, डिकोली, पलीदा, कंचनपुर,बाजना, मठ, गुढ़ा, डोगरी, अठोंदना, गागोनी, बरुआपुरा खाड़ी, गुवांली, बैजपुर, बुढ़पुरा, हीरापुर आदि के ग्रामीण भी बबीना नहर योजना से सिंचाई के लिए पानी मांग रहे हैं। इसको लेकर सोमवार को उक्त गांवों के दर्जनों किसान बुंदेलखंड किसान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेंद्र शर्मा के नेतृत्व में रानी लक्ष्मीबाई पार्क में एकत्रित हुए। यहां से किसान बैलगाड़ी पर सवार होकर जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए इलाइट चौराहा पहुंचे। यहां 10 मिनट तक सांकेतिक जाम लगाने के बाद किसान सिंचाई विभाग के बेतवा कार्यालय पहुंचे। किसानों ने बेतवा भवन परिसर में विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर सभा की। इस दौरान किसानों ने बैलों को कार्यालय के अंदर बांध दिया, इससे अफरातफरी का माहौल बन गया।
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वहीं, संबंधित क्षेत्र के अधिशासी अभियंता अविनाश मिश्रा के राजकीय कार्य से लखनऊ में होने के कारण प्रशासनिक अधिकारी मिथलेश कुमार दुबे, अवर अभियंता रवि पचौरी व दीपक अवस्थी किसानों से मिलने पहुंचे। यहां तीन सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने अधिशासी अभियंता से मोबाइल पर वार्ता के बाद किसानों को आश्वस्त किया कि बबीना ब्लॉक 56 गांवों मेें 40 गांवों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु तकनीकी दृष्टि से इसका परीक्षण एक माह के अंदर कराया जाएगा। इसके उपरांत जो भी तथ्य पाए जाएंगे, उनको योजना में शामिल कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इस दौरान किसानों को यह भी बताया गया कि बबीना ब्लॉक के पंद्रह गांवों को सिंचाई उपलब्ध कराने संबंधी अधिग्रहीत भूमि की दरों को चार गुना स्वीकृत करा लिया गया है, जल्द ही भुगतान शुरू हो जाएगा। इसके बाद किसान वापस लौट गए।
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सभा में रहीस यादव, संतोष पचौरी, लालाराम, सी एल यादव, विमलेश तिवारी, राजू बेदौरा, लखन सेक्रेट्री आदि ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर वीरेंद्र राजपूत, शशिकांत राजपूत, मानसिंह नेता, शीला अहिरवार, राकेश राजपूत, रामकुमार पटैरिया, महेंद्र यादव, भरत पाल, संतोष राय, अलख प्रसाद, शेर सिंह, मनोज पटैरिया आदि किसान मौजूद थे।