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यूपी में पहली बार नहर पर लगी सोलर ग्रिड से बनेगी ग्रीन एनर्जी

Tue, 09 Mar 2021 01:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 01:32 AM IST
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Solar grid will be made energy
झांसी। जाखलौन पंप नहर प्रणाली सूबे की पहली नहर प्रणाली होगी, जिसके टफ रुफ ग्रिड से ग्रीन एनर्जी तैयार होगी। सालाना इससे एक करोड़ यूनिट ग्रीन एनर्जी का उत्पादन होगा। इसकी मदद से सलाना सात करोड़ रुपये की बिजली बचेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री बंडई बांध का भी लोकार्पण करेंगे। इससे ललितपुर में 3025 हेक्टेयर जमीन को सिचिंत किया जा सकेगा।
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54.29 करोड़ लागत से जाखलौन पंप नहर परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016-17 में हुई थी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत सोलर पॉवर प्लांट परियोजना के जरिए इसे मंजूरी मिली। अधीक्षण अभियंता अंबुज द्विवेदी की अगुवाई में अभियंताओं ने कैनाल पर माड्यूल माउंटिंग स्ट्रक्चर का निर्माण किया। नहर पर ही ग्रिड लगने से जमीन की भी जरूरत नहीं पड़ी। कुल 5.92 मेगावाट सोलर पॉवर प्लांट कैनाल के टॉप में लगा।
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इसमें कुल 18840 सोलर प्लेट्स लगाई गईं, 60 इंवर्टर लगाए गए। इसके लिए 9.55 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई गई और इसे कंट्रोल रूम से जोड़ा गया। परियोजना की आयु 25 वर्ष आंकी गई है। इस परियोजना से बंदरगुढ़ा, ऐरा, जाखलौन, जामनधाना, भैलवारा, आलापुर, मैरती, खुर्द, बरखेरा, जीरोन, च्यौला, नकयारा परौंदा समेत 64 गांव के 14630 किसानों को मदद मिलेगी।
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इस परियोजना के जरिए सालाना एक करोड़ यूनिट ग्रीन ऊर्जा का उत्पादन होगा। इससे सात करोड़ रुपये की सलाना बचत हो सकेगी। वहीं, बंडई बांध के शुरू होने से 4600 किसानों को फायदा मिलेगा।

डॉ.अंबुज द्विवेदी
अधीक्षण अभियंता
सिंचाई निर्माण मंडल
बंडई बांध से 3025 हेक्टयेर में हो सकेगी सिंचाई
4600 किसानों को मिलेगा फायदा
झांसी। मड़ावरा के धौरीसागर स्थित बंडई नदी (धसान की सहायक नदी) पर बांध बनने से 3025 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई हो सकेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका भी मंगलवार को उद्घाटन करेंगे। 303.54 करोड़ की लागत की इस परियोजना पर वर्ष 13-14 में कार्य आरंभ हुआ था। इसके जरिए 9.4 किमी बंडई मुख्य नहर, 2.1 किमी पिसनाई माइनर, 1.85 किमी हसारी माइनर, 1.5 किमी बम्हौरी माइनर का निर्माण पूरा कराया गया। अधीक्षण अभियंता डॉ.अंबुज के मुताबिक 2.200 किमी लंबे बांध में कुल नहर प्रणाली की लंबाई 14.85 किमी रखी गई है। बांध की क्षमता 11.100 एमसीएम पानी स्टोर करने की है। इसके जरिए रबी की 1975 और खरीफ की 1050 हेक्टेयर जमीन सिंचित की जा सकेगी। इससे 4600 किसानोें को फायदा होगा, साथ ही 2700 घरों तक पानी भी पहुंचेगा।
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