{"_id":"5fc94c268ebc3e75017f86e6","slug":"smoke-detecter-senser-work-start-jhansi-news-jhs1825869138","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसी कोचों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाने का काम शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसी कोचों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाने का काम शुरू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। रेल मंडल से संचालित ट्रेनों के एसी कोचों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। मंडल के पास 45 एसी कोच हैं, जिनमें अभी तक छह कोचों में यह उपकरण लगा दिया गया है। इस उपकरण की मदद से कोच में धुआं उठते ही अलार्म बजने लगा। इससे आग लगने जैसी घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा।
यह प्रणाली एक नियंत्रित वातावरण में कोच के अंदर नियमित रूप से अलग- अलग स्थानों का नमूना लेती है। उसकी जांच कर आग लगने के प्रारंभिक चरण में ही आग एवं धुएं का पता लगाकर यात्रियों को अलार्म के माध्यम से सचेत कर देगी। इससे वक्त रहते प्रभावित कोच के यात्रियों को बाहर निकालने और जान- माल की हानि को रोका जा सकेगा। अलार्म के चार चरण होंगे, जिसमें अलर्ट और एक्शन को दर्शाया जाएगा। पिछले कुछ सालों में इस प्रणाली का ट्रायल काफी ट्रेनों में किया गया है। रेलवे की रिसर्च विंग ‘’रेलवे डिजाइन एवं स्टेंडर्ड आर्गेनाइजेशन’ द्वारा इस प्रणाली को तैयार किया गया है। इस प्रणाली को ट्रेन के एयर ब्रेक सिस्टम के साथ लिंक किया गया है, जिससे फायर टू अलार्म बजने से पहले ही ट्रेन रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में यात्री बिना किसी भगदड़ के कोच से बाहर निकल सकेंगे। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस सिस्टम को 45 एसी कोचों में छह में लगा दिया गया है। बाकी कोचों में लगाने का काम जारी है।
विज्ञापन
यह प्रणाली एक नियंत्रित वातावरण में कोच के अंदर नियमित रूप से अलग- अलग स्थानों का नमूना लेती है। उसकी जांच कर आग लगने के प्रारंभिक चरण में ही आग एवं धुएं का पता लगाकर यात्रियों को अलार्म के माध्यम से सचेत कर देगी। इससे वक्त रहते प्रभावित कोच के यात्रियों को बाहर निकालने और जान- माल की हानि को रोका जा सकेगा। अलार्म के चार चरण होंगे, जिसमें अलर्ट और एक्शन को दर्शाया जाएगा। पिछले कुछ सालों में इस प्रणाली का ट्रायल काफी ट्रेनों में किया गया है। रेलवे की रिसर्च विंग ‘’रेलवे डिजाइन एवं स्टेंडर्ड आर्गेनाइजेशन’ द्वारा इस प्रणाली को तैयार किया गया है। इस प्रणाली को ट्रेन के एयर ब्रेक सिस्टम के साथ लिंक किया गया है, जिससे फायर टू अलार्म बजने से पहले ही ट्रेन रुक जाएगी। ऐसी स्थिति में यात्री बिना किसी भगदड़ के कोच से बाहर निकल सकेंगे। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस सिस्टम को 45 एसी कोचों में छह में लगा दिया गया है। बाकी कोचों में लगाने का काम जारी है।
विज्ञापन