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शहर में प्रीपेड नहीं अब लगेंगे स्मार्ट मीटर
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झांसी। केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर कार्यक्रम के तहत झांसी महानगर में भी स्मार्ट मीटर लगेंगे। इन मीटरों के लगने पर अधिकारी अपने चैंबर में बैठकर ही बकायेदारों के कनेक्शन काटने और जोड़ने का काम कर सकेंगे। मीटर रीडरों की भी आवश्यकता नहीं रहेगी। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बिल जारी होंगे।
पिछले साल भारत सरकार की उदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के बड़े शहरों के अधिक लाइन हानियों वाले क्षेत्र में 40 लाख प्री- पेड मीटर लगाने का काम होना था। कानपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद सहित कुछ और शहरों में प्री- पेड मीटर लगाने काम शुरू भी कर दिया गया। मगर इस कार्यक्रम में फिर बदलाव कर दिया गया है। अब आत्मनिर्भर कार्यक्रम के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का काम होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मथुरा और लखनऊ में काम शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर में एक चिप के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े होंगे। अधिकारी अपने चैंबर में बैठे- बैठे हर कनेक्शन की निगरानी कर सकेंगे। बकायेदारों के कनेक्शन ऑनलाइन ही काटे जा सकेंगे। बिल भी ऑनलाइन बनाकर मोबाइल पर मैसेज कर दिए जाएंगे। महानगर में भी जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरू होगा। महानगर में एक लाख 14 हजार उपभोक्ता हैं, जो महीने में 36 करोड़ से अधिक की बिजली का उपभोग करते हैं। बदले में विभाग को हर महीने 32 से 33 करोड़ की राजस्व मिल पाता है। शोभित दीक्षित, प्रभारी अधिशासी अभियंता (मीटर परीक्षण शाला) ने बताया कि सरकार की अगले तीन साल में सभी जगह स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी चल रही है। ऐेसे में अब प्री पेड मीटर सिर्फ परिस्थितियों को देखकर ही लगाए जाएंगे।
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पिछले साल भारत सरकार की उदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के बड़े शहरों के अधिक लाइन हानियों वाले क्षेत्र में 40 लाख प्री- पेड मीटर लगाने का काम होना था। कानपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद सहित कुछ और शहरों में प्री- पेड मीटर लगाने काम शुरू भी कर दिया गया। मगर इस कार्यक्रम में फिर बदलाव कर दिया गया है। अब आत्मनिर्भर कार्यक्रम के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का काम होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मथुरा और लखनऊ में काम शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट मीटर में एक चिप के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े होंगे। अधिकारी अपने चैंबर में बैठे- बैठे हर कनेक्शन की निगरानी कर सकेंगे। बकायेदारों के कनेक्शन ऑनलाइन ही काटे जा सकेंगे। बिल भी ऑनलाइन बनाकर मोबाइल पर मैसेज कर दिए जाएंगे। महानगर में भी जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरू होगा। महानगर में एक लाख 14 हजार उपभोक्ता हैं, जो महीने में 36 करोड़ से अधिक की बिजली का उपभोग करते हैं। बदले में विभाग को हर महीने 32 से 33 करोड़ की राजस्व मिल पाता है। शोभित दीक्षित, प्रभारी अधिशासी अभियंता (मीटर परीक्षण शाला) ने बताया कि सरकार की अगले तीन साल में सभी जगह स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी चल रही है। ऐेसे में अब प्री पेड मीटर सिर्फ परिस्थितियों को देखकर ही लगाए जाएंगे।
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