‘स्मार्ट सिटी’ में नहीं कटेंगे पशु
झांसी। स्मार्ट सिटी को गंदगी से मुक्त रखने के लिए अफसरों ने योजनाएं बनाना शुरू कर दिया है। यदि योजनाएं फलीभूत हुईं तो शहर में न कूड़े के ढेर लगेंगे और न ही गली मुहल्लों में पशु काटे जा सकेंगे। भगवंतपुरा में पांच करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्लाटर हाउस बनाया जाएगा।
शहर के कुछ क्षेत्रों के गली मोहल्लों में प्रतिदिन पशु काटे जाते हैं। पशुओं का मांस तो बेच दिया जाता है, लेकिन उनके शरीर के अंगों को इधर उधर फेंक दिया जाता है, जो गंदगी व बदबू का कारण बनता है। यह स्थिति स्मार्ट सिटी के अनुकूल नहीं होगी। शासन ने इससे बचने के लिए महानगर में आधुनिक स्लाटर हाउस बनाने का निर्णय लिया है। भगवंतपुरा में बंद चल रहे स्लाटर हाउस को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्लाटर हाउस पांच करोड़ की लागत से बनेगा, जिसमें मशीनों से पशुओं को काटा जाएगा। इसके बाद पशुओं का मांस पैक कर बाजार में भेजा जाएगा। योजना को साकार रूप देने के लिए कैंप कार्यालय में डीएम अनुराग यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर निगम को स्लाटर हाउस की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्य योजना बनने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। शासन से कार्य योजना पास होते ही धन अवमुक्त कर दिया जाएगा, जिसके बाद टेंडर निकाल कर स्लाटर हाउस का निर्माण कराया जाएगा।
बैठक में एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश, अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी राकेश बाबू गौतम, प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कैसा होगा आधुनिक स्लाटर हाउस आधुनिक स्लाटर हाउस पूर्ण रूप से वातानुकूलित होगा। इसमें आधुनिक तकनीक वाली मशीनें लगी होंगी। हर प्रकार के पशु पक्षी को काटने के लिए अलग-अलग मशीनें होंगी। मशीन से पहले पशु को काटा जाएगा, उसके बाद मशीन से ही उसकी सफाई कर खाने योग्य मांस को अलग किया जाएगा। मांस के पीस अलग-अलग हिस्सों में पैक होकर निकलेंगे। आधुनिक स्लाटर हाउस की खासियत यह रहेगी कि पशु के न खाने वाले अंगों को वहीं डिस्पोज करने की व्यवस्था रहेगी। इस स्लाटर हाउस से महानगर को गंदगी व बदबू से बचाया जा सकेगा। आधुनिक तकनीक के कारण इसके आसपास के क्षेत्र में भी बदबू व गंदगी की समस्या नहीं होगी।