फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi News : Sky Tower came under target of Income Tax Department

Jhansi News : आयकर विभाग के निशाने पर आया स्काई टावर, जांच का दायरा बढ़ने की संभावना

Fri, 05 Aug 2022 02:36 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Fri, 05 Aug 2022 02:36 AM IST
सार

Jhansi News : आयकर विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान की गई पड़ताल में सामने आया कि इस बिल्डिंग में तमाम लोगों की रकम लगी हुई है। इसके सुबूत भी आयकर विभाग के हाथ लगे हैं। ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

विज्ञापन
Jhansi News : Sky Tower came under target of Income Tax Department
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कभी जमीन को लेकर तो कभी निर्माण को लेकर विवादों में घिरा रहने वाला बहुमंजिली बिल्डिंग स्काई टावर अब आयकर विभाग के निशाने पर आ गई है। आयकर विभाग द्वारा छापेमारी के दौरान की गई पड़ताल में सामने आया कि इस बिल्डिंग में तमाम लोगों की रकम लगी हुई है। इसके सुबूत भी आयकर विभाग के हाथ लगे हैं। ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
विज्ञापन


क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के परिसर में सात साल पहले 18 मंजिला बिल्डिंग का निर्माण शुरू किया गया था। शुरुआत में इसका नाम ऊं शांति हाइट्स रखा गया था। लेकिन, बाद में इसे स्काई टावर नाम दे दिया गया था। पुलिस लाइन से सटकर बनाई जा रही यह बिल्डिंग विवादों में घिरी रही। पहले इसकी जमीन को लेकर विवाद हुआ। क्रिश्चियन समुदाय की जिस संस्था से जमीन खरीदी गई थी, उस संस्था पर इस जमीन का मालिकाना हक ही न होने के आरोप लगे थे।
विज्ञापन


ये आरोप क्रिश्चियन समुदाय की दूसरी संस्था की ओर से लगाए गए थे। जेडीए और स्थानीय प्रशासन के पास भी खूब शिकायतें पहुंची थीं। इसके बाद कुछ समय के लिए निर्माण भी बंद हो गया था। बैंकों ने भी फाइनेंस से हाथ पीछे खींच लिए थे। हालांकि, बाद में काम शुरू हो गया था। फ्लैटों की बिक्री जारी है। अब यह टावर आयकर विभाग के निशाने पर आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पड़ताल में सामने आया है कि टावर में एक बिल्डर की 50 फीसदी की पार्टनरी है, जबकि दो अन्य बिल्डर इसमें 25-25 प्रतिशत के पार्टनर हैं। लेकिन, इन तीनों बिल्डरों ने अपनी-अपनी हिस्सेदारी में तमाम लोगों का पैसा लगा रखा है। इसके सुबूत भी आयकर के हाथ लगे हैं। इसके साथ ही आईटी ने पड़ताल का दायरा बढ़ा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed