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सीपरी बाजार ओवरब्रिज: धूल के कारण मास्क पहनकर हो रहा काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Updated Wed, 28 Nov 2018 01:22 AM IST
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सीपरी बाजार ओवरब्रिज
- फोटो : अमर उजाला
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झांसी। सीपरी बाजार ओवरब्रिज के नीचे सर्विस लाइन नहीं बनने के कारण दिन भर धूल उड़ती रहती है, इससे दुकानदारों को बिना मास्क के बैठना मुश्किल हो रहा है। राहगीरों को भी चेहरे पर रुमाल या दूसरा कपड़ा बांधना पड़ रहा है। ओवरब्रिज के नीचे बेतरतीब दुकानों के अतिक्रमण और ऑटो चालकों ने भी यातायात व्यवस्था बिगाड़ रखी है।
जून 2014 में सीपरी बाजार ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने के बाद से यहां से निकलने वाले और रहने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है। उप्र सेतु निगम अपने हिस्से का पुल बना चुका है। इससे पुल के नीचे बेतरतीब दुकानों के अतिक्रमण से पैर रखने की जगह भी नहीं बची है। सीपरी बाजार की तरफ एक ओर पुरानी दुकानें बनी हैं तो दूसरी तरफ रेलवे की संपत्ति है। रेलवे की और भी वैध और अवैध दुकानें खुली हैं। पुल के नीचे अस्थायी दुकानों और ऑटो चालकों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई जगह लोग अपने चार पहिया वाहन खड़े करके चले जाते हैं।
नगर निगम ने इस अव्यवस्था को सुधारे बिना ही एक तरफ नाली का निर्माण शुरू करा दिया है। खोदी गई मिट्टी सड़क पर ही रख दी गई है। पुल के नीचे सड़क है नहीं। सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। इससे दिन भर चारों तरफ धूल ही धूल उड़ती रहती है। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। धूल के कारण दुकानदार मास्क पहनने को मजबूर हैं।
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दुकान में टांग रखी पॉलीथिन
धूल के कारण मेरी दुकान पर ग्राहक आना बंद हो गए हैं। मजबूरी में दुकान में पॉलीथिन टांगनी पड़ गई। इससे बाद भी राहत नहीं है। दुकानदारी करना मुश्किल हो गया है।
- मोहित, दुकानदार।
खांसी नहीं रुकती
मैं जब सुबह दुकान खोलता हूं तो धूल की मोटी पर्त लगी मिलती है। जैसे बहुत दिनों से दुकान नहीं खुली हो। मास्क लगाने के बाद भी धूल से खांसी आती रहती है।
- रवींद्र सोनी, दुकानदार।
सब्जी लेने आना कम कर दिया
मैं प्रतिदिन सीपरी बाजार में सब्जी लेने आती थी। मगर, अब धूल के कारण यहां एक पल रुकना मुश्किल होता है। अब बहुत जरूरी होता है, तभी यहां आती हूं।
- मीरा, रेलवे कॉलोनी।
‘सीपरी बाजार ओवरब्रिज की सड़क बहुत मजबूत बनाई जाएगी और अंडरग्राउंड पार्किंग भी बनेगी, ताकि वहां कोई अवैध कब्जा करके न बैठ सके। टेंडर डाले जा चुके हैं, जल्द ही अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।’
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
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जून 2014 में सीपरी बाजार ओवरब्रिज का निर्माण शुरू होने के बाद से यहां से निकलने वाले और रहने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है। उप्र सेतु निगम अपने हिस्से का पुल बना चुका है। इससे पुल के नीचे बेतरतीब दुकानों के अतिक्रमण से पैर रखने की जगह भी नहीं बची है। सीपरी बाजार की तरफ एक ओर पुरानी दुकानें बनी हैं तो दूसरी तरफ रेलवे की संपत्ति है। रेलवे की और भी वैध और अवैध दुकानें खुली हैं। पुल के नीचे अस्थायी दुकानों और ऑटो चालकों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई जगह लोग अपने चार पहिया वाहन खड़े करके चले जाते हैं।
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नगर निगम ने इस अव्यवस्था को सुधारे बिना ही एक तरफ नाली का निर्माण शुरू करा दिया है। खोदी गई मिट्टी सड़क पर ही रख दी गई है। पुल के नीचे सड़क है नहीं। सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं। इससे दिन भर चारों तरफ धूल ही धूल उड़ती रहती है। लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। धूल के कारण दुकानदार मास्क पहनने को मजबूर हैं।
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दुकान में टांग रखी पॉलीथिन
धूल के कारण मेरी दुकान पर ग्राहक आना बंद हो गए हैं। मजबूरी में दुकान में पॉलीथिन टांगनी पड़ गई। इससे बाद भी राहत नहीं है। दुकानदारी करना मुश्किल हो गया है।
- मोहित, दुकानदार।
खांसी नहीं रुकती
मैं जब सुबह दुकान खोलता हूं तो धूल की मोटी पर्त लगी मिलती है। जैसे बहुत दिनों से दुकान नहीं खुली हो। मास्क लगाने के बाद भी धूल से खांसी आती रहती है।
- रवींद्र सोनी, दुकानदार।
सब्जी लेने आना कम कर दिया
मैं प्रतिदिन सीपरी बाजार में सब्जी लेने आती थी। मगर, अब धूल के कारण यहां एक पल रुकना मुश्किल होता है। अब बहुत जरूरी होता है, तभी यहां आती हूं।
- मीरा, रेलवे कॉलोनी।
‘सीपरी बाजार ओवरब्रिज की सड़क बहुत मजबूत बनाई जाएगी और अंडरग्राउंड पार्किंग भी बनेगी, ताकि वहां कोई अवैध कब्जा करके न बैठ सके। टेंडर डाले जा चुके हैं, जल्द ही अन्य औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।’
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त