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सिंचाई विभाग के एक्सईएन समेत नौ के खिलाफ होगी रिपोर्ट

Fri, 27 Nov 2020 01:08 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 01:08 AM IST
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Sinchai department EXEN with 9 people again FIR
झांसी। सिंचाई विभाग में सिल्ट सफाई के नाम पर 77.35 लाख रुपये के घपले के आरोप में नवाबाद थाने में तत्कालीन एक्सईएन समेत नौ के खिलाफ तहरीर दी गई है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। इस मामले का सबसे पहले अमर उजाला ने ही खुलासा किया था।
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बता दें, बेतवा प्रखंड के तत्कालीन एक्सईएन संजय कुमार को पिछले सीजन में नहरों की सफाई एवं मरम्मत कार्य कराना था लेकिन, आरोप है कि एक्सईएन ने कैशियर अजीत कुमार एवं खंडीय लेखाधिकारी संतोष प्रजापति की मदद से बिना एग्रीमेंट किए छह फर्मों के बीच 77.35 लाख रुपये बांट दिए। एंडवास के नाम पर इन फार्मों को यह रकम दी गई जबकि मौके पर काम शुरू तक नहीं हुआ। अमर उजाला ने 12 जून के अंक में सबसे पहले इस घोटाले का खुलासा किया। मामला उजागर होते ही महकमे में हड़कंप मच गया। अधीक्षण अभियंता केबी लाल ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने भी अनियमितता की पुष्टि की।
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जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपसचिव, अशोक कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी अभियंता संजय कुमार, कैशियर अजीत कुमार एवं लेखाधिकारी संतोष प्रजापति को निलंबित करते हुए सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके करीब एक माह बाद एक्सईएन बेतवा, उमेश कुमार ने एसएसपी से मुलाकात करने के बाद नवाबाद थाने में तहरीर दी है। एक्सईएन के मुताबिक संजय कुमार, अजीत, संतोष समेत मां कामाक्षी सप्लायर्स, मेसर्स शब्द कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अनुज कंस्ट्रक्शन समेत छह फर्मों के खिलाफ अनियमितता के आरोप में मामला दर्ज कराया जा रहा।
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झांसी। बुंदेलखंड में सिंचाई के नाम पर सरकार ने तमाम सिंचाई परियोजनाएं आरंभ कीं लेकिन, तकरीबन अधिकांश भ्रष्टाचार में घिर गईं। पिछले तीन वर्ष के दौरान ही कई योजनाओं में घपले की शिकायतें आईं। विभिन्न स्तरों में हुई जांच में करीब पचास करोड़ रुपये के घपले की पुष्टि हो चुकी और चौदह अभियंता निलंबित हो चुके। इनमें एक सहायक अभियंता, चार अधिशासी अभियंता समेत नौ अवर अभियंता शामिल हैं। कृषि विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति हुई। घपले में उलझ जाने से एरच बांध परियोजना भी आगे नहीं बढ़ पा रही। गरौठा ब्लॉक में करीब 610 करोड़ की लागत से तैयार हो रही यह परियोजना 401 करोड़ खर्च होने के बाद अभी तक आधी-अधूरी है। इसमें अनियमितताओं की जांच ईडब्ल्यूएस ने की। इसी तरह तालाब बंधी बनाने के नाम पर 90 लाख का घपला पकड़ में आया। इसमें तत्कालीन बीएसए समेत तकनीकी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति हुई है। लघु सिंचाई विभाग में भी पिछले वर्ष तीस करोड़ रुपये के कार्र्यों में गड़बड़ी पकड़ी गई। इस मामले में एक्सईएन को निलंबित किया गया था।
शासन से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। विभाग की ओर से आरोपियों के खिलाफ तहरीर दे दी गई है। उमेश कुमार, एक्सईएन
सिंचाई विभाग की ओर से तहरीर मिली है। मामले की जांच नवाबाद थाने को सौंप दी गई है। जल्द ही जांच पूरी करके आगे कार्रवाई की जाएगी। दिनेश कुमार पी एसएसपी
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