{"_id":"726533f989af69a55aa9e697addc79fe","slug":"senior-and-junior-doctors-went-on-the-patient-ground-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीनियर व जूनियर डॉक्टर भिड़े, पिसे मरीज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीनियर व जूनियर डॉक्टर भिड़े, पिसे मरीज
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Thu, 28 May 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सीनियर और जूनियर डॉक्टर के बीच हुई कहासुनी में मरीज पिस गए। विवाद के बाद जूनियर डॉक्टरों ने काम ठप कर मरीजों को भगा दिया। कॉलेज अधिकारियों को जैसे ही मामले की सूचना मिली, उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल कराईं। इस मामले में प्रभारी प्राचार्य ने जूनियर डाक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार पूर्वाह्न करीब साढ़े ग्यारह बजे गायनिक विभाग में प्रसव होने के बाद महिला चिकित्सक ने बाल रोग विभाग के जूनियर डॉक्टर को बुलाया। जूनियर डाक्टर जैसे ही मौके पर पहुंचे, महिला चिकित्सक ने देर से आने की बात कहते हुए नाराजगी जताई। इस पर वह उखड़ गए। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वह फौरन यहां के लिए निकल पड़े थे। दोनों चिकित्सकों के बीच विवाद इतनी बड़ गया कि गायनिक विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने करीब एक घंटे के लिए काम ठप कर दिया। यही नहीं, उन्होंने मरीजों को भी भगाना शुरू कर दिया। कॉलेज प्रशासन को जैसे ही मामले की जानकारी हुई तो प्रभारी प्राचार्य डा. एनएस सेंगर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. हरिश्चंद्र आर्या, बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. ओम शंकर चौरसिया फौरन मौके पर पहुंचे।
उन्होंने समझा बुझाकर स्वास्थ्य सेवाएं पुन: बहाल कराईं। सीएमएस ने बताया कि देर से आने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। जूनियर डाक्टर पांच नंबर वार्ड में थे, उन्हें आने में थोड़ा समय लग गया। इस मामले में प्रभारी प्राचार्य ने बाल रोग विभागाध्यक्ष को जूनियर डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार पूर्वाह्न करीब साढ़े ग्यारह बजे गायनिक विभाग में प्रसव होने के बाद महिला चिकित्सक ने बाल रोग विभाग के जूनियर डॉक्टर को बुलाया। जूनियर डाक्टर जैसे ही मौके पर पहुंचे, महिला चिकित्सक ने देर से आने की बात कहते हुए नाराजगी जताई। इस पर वह उखड़ गए। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही वह फौरन यहां के लिए निकल पड़े थे। दोनों चिकित्सकों के बीच विवाद इतनी बड़ गया कि गायनिक विभाग के जूनियर डॉक्टरों ने करीब एक घंटे के लिए काम ठप कर दिया। यही नहीं, उन्होंने मरीजों को भी भगाना शुरू कर दिया। कॉलेज प्रशासन को जैसे ही मामले की जानकारी हुई तो प्रभारी प्राचार्य डा. एनएस सेंगर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. हरिश्चंद्र आर्या, बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. ओम शंकर चौरसिया फौरन मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन
उन्होंने समझा बुझाकर स्वास्थ्य सेवाएं पुन: बहाल कराईं। सीएमएस ने बताया कि देर से आने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। जूनियर डाक्टर पांच नंबर वार्ड में थे, उन्हें आने में थोड़ा समय लग गया। इस मामले में प्रभारी प्राचार्य ने बाल रोग विभागाध्यक्ष को जूनियर डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन